विजिलैंस को RTI से बाहर करने का निर्णय दुर्भाग्यपूर्ण: जयराम ठाकुर
धर्मशाला, 15 मार्च - हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा राज्य सतर्कता व भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के दायरे से बाहर करने पर भाजपा नेता और विधानसभा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा, "पहली बात यह कि ये दोनों एजेंसियां जांच के काम अपना योगदान देती हैं और जब जांच की प्रक्रिया को आप बाधित या प्रभावित करेंगे तो स्वाभाविक रूप से चुनाव स्वतंत्र या निष्पक्ष नहीं हो सकते। दूसरी बात यह कि इसकी आवश्यकता क्यों पड़ी? आज से पहले कितनी ही सरकारें रही हैं और आज से पहले इन्हें RTI के दायरे से बाहर करने की बात क्यों नहीं आई?... हिमाचल प्रदेश सरकार इन एजेंसियों का दुरुपयोग करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इससे साफ जाहिर होता है कि कुछ पक रहा है और वो भी विपक्ष के खिलाफ... तीसरी बात, हिमाचल प्रदेश में वर्तमान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पार्टी के एक बड़े नेता के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं, बहुत सारे लोगों ने उसमें RTI की मांग की है लेकिन कांग्रेस हाईकमान ने दबाव डाला है कि इस जांच को खत्म किया जाए... दोनों एजेंसियों के स्वतंत्र काम में बाधा डालने के लिए ये कदम उठाया गया है।

