महिलाओं का अंधविश्वासी होना भी उनके लिये अभिशाप

महिलाओं को देवियां कहकर संबोधित करने व देवियों की पूजा करने वाले हमारे देश में आये दिन महिलाओं के यौन शोषण की नई से नई व घिनौनी से घिनौनी खबरें सामने आती रहती हैं। वैसे तो राजनीति, निजी व सरकारी सेवा क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान आदि सभी क्षेत्रों में महिलाओं के यौन शोषण की खबरें सुनाई देती हैं परन्तु बड़े ही दु:ख व शर्म की बात यह है कि महिलाओं का सबसे अधिक शोषण उनके अंधविश्वास केह्य चलते या उनकी धर्मांधता के कारण होता है। देश के अनेक बड़े से बड़े स्वयंभू धर्मगुरु जो ईश्वरीय अवतार होने तक का दावा किया करते थे, महिलाओं के यौन शोषण यहां तक कि दुष्कर्म व हत्या जैसे मामलों में जेल की सजा काट चुके हैं और कई अब भी जेलों में हैं परन्तु आश्चर्य यह है कि उनके काले कारनामों से पर्दा हटने के बावजूद ऐसे दुराचारी स्वयंभू धर्मगुरुओं के अनुयायियों खासकर महिला अनुयायियों में कोई कमी नहीं देखी जा रही है। बल्कि उनके प्रति अंधी आस्था रखने वाले लोग यह कहते सुने जाते हैं कि उनके गुरु जी को ‘जबरन फंसाया’ गया है। शायद यही वजह है कि हमारे देश में आये दिन इस तरह के नित नये मामले सामने आते रहते हैं।
पिछले दिनों ऐसा ही हैरान करने वाला एक मामला महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया। यहां कैप्टन अशोक खरात उर्फ अशोक कुमार उर्फ एकनाथ खरात नाम से प्रसिद्ध एक ज्योतिषी की हैरान कर देने वाली काली करतूत उजागर हुई। इस व्यक्ति का नासिक के कनाडा कॉर्नर क्षेत्र में ‘ओकस प्रॉपर्टी डीलर्स एंड डेवलपर्स’ नाम से एक कार्यालय था जो ज्योतिष के केन्द्र के रूप में प्रसिद्ध था। उसके करीब ही सिन्नर में उसका एक विशाल फार्म हाउस था जिसमें उसने ईशान्येश्वर मंदिर बना रखा था। वह एक ट्रस्ट बनाकर इस व्यवस्था को स्वयं संचालित करता था। वह खुद ही ट्रस्ट का प्रमुख था। उसके पास और भी अनेक संपत्तियां थीं। उसके नेताओं, अधिकारियों, सेलिब्रिटी और व्यापारियों से भी गहरे संबंध थे। इस 67 वर्षीय पूर्व मर्चेंट नेवी कर्मचारी जो कि स्वयं को ‘कैप्टन’ बताता था उसने ज्योतिष और आध्यात्मिक शक्तियों के नाम पर अनेक महिलाओं को अपने जाल में फंसाया हुआ था। वह स्वयं को रसूखदार व शक्तिशाली ज्योतिषी व आध्यात्मिक गुरु बताता था। यहां तक कि भगवान शिव का अवतार होने का दावा भी किया करता था। यह व्यक्ति सम्पन्न ऊंचे रसूख वाली उच्च पदों पर आसीन महिलाओं व उच्च पदों पर विराजमान लोगों की पत्नियों को उनके व्यक्तिगत, पारिवारिक, वैवाहिक या फिर भविष्य व कैरियर संबंधी समस्याओं का समाधान बताने के बहाने से अपने कार्यालय या अपने फार्म हाउस पर बुलाया करता था। इसके बाद वह उन महिलाओं की कुंडली देखता था। फिर किसी महिला को उसके ‘पति की मौत’ का खतरा बताता तो किसी को कोई और परिवारिक संकट बता देता। किसी को उसका ‘भविष्य खराब’ होने की भविष्यवाणी कर देता तो किसी को गंभीर बीमारी का भय बता देता। और इसी की आढ़ में वह पूजा-पाठ व अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने की बातें किया करता था। यह स्वयंभू ज्योतिषी अपने कार्यालय या फार्म हाउस के एक प्राइवेट के बिन में ‘शुद्धिकरण’ या ‘रीतियों’ के नाम पर अपना शिकार बनाने वाली महिलाओं को किसी पेय के माध्यम से ऐसा नशीला पदार्थ पिलाता जिससे वे बेहोश हो जातीं या फिर सम्मोहित हो जातीं। उसके बाद वह अपने कार्यालय में ही उन महिलाओं का यौन शोषण किया करता था। और वहां गुप्त रूप से लगे सीसीटीवी कैमरों से उनकी वीडियो रिकॉर्ड करता। बाद में इसी वीडियो के माध्यम से शिकार की गयी महिलाओं को डराता धमकाता। वह यह धमकी भी देता कि यदि उन्होंने किसी से इस ‘घटना’ का ज़िक्र किया तो उनके पति की जान जा सकती है और उसका पूरा परिवार बर्बाद हो सकता है। वह उन महिलाओं को वीडियो वायरल करने की धमकी भी देता। और इसी के बहाने वह न केवल इन महिलाओं का बार-बार शारीरिक शोषण करता बल्कि उनसे पैसे भी ऐंठता रहता था।
बहरहाल आखिरकार उस स्वयंभू आध्यात्मिक गुरु व स्वयंभू शिवावतार के पाप का घड़ा फूट ही गया। एक महिला ने पिछले दिनों उसकी पुलिस में शिकायत की कि तीन साल से भी अधिक समय तक उसने अपने इसी कुचक्र में उसे उलझाये रखा। जबकि अनेक महिलाएं या तो डर के मारे या अपनी बदनामी के भय से खामोश रहीं। इसी महिला की शिकायत पर नासिक क्राइम ब्रांच ने पिछले दिनों उसके फार्म हाउस पर छापा मारा। पुलिस को यहां से जो पेन ड्राइव मिले उसमें लगभग 100 के करीब महिलाओं की आपत्तिजनक वीडियो प्राप्त हुई। इसके अलावा उसके ऑफिस और फार्म हाउस से पिस्तौल, कारतूस व अनेक संदिग्ध दस्तावेज़ मिले व करोड़ों की संपत्ति का खुलासा हुआ। हद तो यह है कि इस व्यक्ति ने महिलाओं के हितों की रक्षा करने वाले एक संस्था की पूर्व अध्यक्ष को भी नहीं बखशा। इसके साथ भी उसकी आपत्ति जनक तस्वीरें व वीडियो वायरल हुये। अब जबकि खरात पुलिस हिरासत में है और एसआईटी मामले की जांच कर रही है ऐसे में अब और भी कई महिलाएं शिकायत दर्ज कराने के लिये सामने आ रही हैं। परन्तु कई महिलायें अभी भी भय व बदनामी के चलते खामोश हैं।
ऐसे में एक बार फिर वही सवाल पैदा होता है कि देश में पाखंडी व दुराचारी प्रवृति के अनेकानेक धर्मगुरुओं, ज्योतषियों के तमाम काले कारनामों के उजागर होने के बावजूद भी आखिर महिलायें क्यों ऐसे पाखंडियों के चंगुल में फंस जाती हैं? प्राय: अशिक्षित महिलाओं को तो ऐसे कुचक्रों में फंसता हुआ देखा ही जा चुका है परन्तु इस मामले ने तो सभी को इसलिये भी हैरान कर दिया है कि खरात ने शिक्षित व उच्च पदों पर रहने वाली या रसूखदार परिवारों की महिलाओं को ही अपने जाल में फंसाया। इससे यह साफ ज़ाहिर है कि अंधी आस्था, अंधविश्वास केवल अशिक्षित महिलाओं में ही नहीं बल्कि शिक्षित महिलायें भी इसका शिकार हैं। इसलिये यह कहना गलत नहीं होगा कि महिलाओं का अंधविश्वासी होना भी उनके यौन शोषण का एक बड़ा कारण है।

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