एक और गम्भीर चुनौती
चंडीगढ़ में भाजपा के कार्यालय समक्ष हुए बम धमाके ने एक बार फिर सभी को चिंता में डाल दिया है। विगत लम्बी अवधि से दिल्ली से लेकर जम्मू तक अक्सर अलग-अलग शहरों में स्कूलों, अस्पतालों, स्टेशनों और अन्य महत्त्वपूर्ण संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां देने के समाचार प्राप्त होते रहे हैं, परन्तु ज्यादातर ये समाचार झूठ और अफवाहें ही सिद्ध हुई हैं। अब तक ज्यादातर स्थानों से यह स्पष्ट नहीं हो सका कि ऐसी बातें फैलाने वाले शरारती तत्व कौन हो सकते हैं और इनका लक्ष्य क्या है? परन्तु अक्सर ऐसी अफवाहें डर का माहौल पैदा कर देती हैं। कई बार ग्रेनेड फैंके जाने या बम विस्फोट से अलग-अलग स्थानों पर घटनाएं भी घटित हो जाती हैं। आपराधिक तत्व गोलियां मार कर भी भाग जाते हैं।
चंडीगढ़ में ही पिछले समय में ऐसा कुछ घटित भी होता रहा है। सितम्बर 2024 में यहां एक सैक्टर में एक पुलिस अधिकारी के घर पर हैंड ग्रेनेड फैंका गया था। उसी वर्ष नवम्बर महीने में गायक और रैपर बादशाह के क्लब पर भी बम फैंके गए थे। चाहे अभी फैंके गए ग्रेनेड से ज्यादातर नुकसान तो नहीं हुआ परन्तु संबंधित कार्यालय की दीवार के साथ इसके टकराने के कारण कम से कम लगे 35 छर्रे की पहचान की गई है। अधिक नुकसान न होने का कारण ग्रेनेड का ठीक स्थान पर न गिरना और वहां ज्यादा लोगों का मौजूद न होना था। जहां तक राजनीतिक पार्टियों का संबंध है, विगत अवधि में चंडीगढ़ से पंजाब तक कई स्थानों पर ऐसे हमले हुए हैं। बहुत वर्ष पहले राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के ही एक वरिष्ठ नेता पर जालन्धर में हमला करके उसकी हत्या कर दी गई थी और मोहाली में भी कुछ वर्ष पहले पंजाब पुलिस इंटैलीजैंस हैडक्वार्टर पर भी ग्रेनेड फैंके गए थे। कहीं न कहीं घटित होती ऐसी घटनाएं प्रशासन के लिए चुनौती बनी रहती हैं और इनके कारण माहौल अनिश्चतता पैदा करने वाला बन जाता है। इस हमले की ज़िम्मेदारी बब्बर खालसा ने ली है, परन्तु इसकी पुष्टि किया जाना अभी शेष है। जहां तक फैंके गए इस ग्रेनेड का संबंध है, इसके तार पाकिस्तान के साथ भी जुड़े बताए गए हैं। मार्च महीने में हरियाणा के अंबाला शहर में तीन आरोपियों को पकड़ा गया था जो अलग-अलग राज्यों से संबंधित थे, उनसे भारी मात्रा में आर.डी.एक्स भी पकड़ा गया था। इस संबंध में यह जानकारी मिली थी कि आरोपियों का संबंध पाकिस्तान के एक आतंकवादी शहजाद भट्टी के साथ है, जिसके द्वारा हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और राजस्थान में अलग-अलग बम धमाके करवाने की योजना बनाई गई थी।
ताज़ा घटना के तार भी ऐसे तत्वों के साथ ही जुड़ते दिखाई देते हैं। सीमा पार से रची गईं ऐसी साज़िशों का पर्दाफाश किया जाना बेहद ज़रूरी है। आगामी दिनों में पंजाब का राजनीतिक माहौल बेहद सक्रियता वाला होगा। इसका लाभ भारत विरोधी तत्व उठाने का यत्न कर सकते हैं, क्योंकि अमरीका और कनाडा में बैठे गैंगस्टरों द्वारा अपने सम्पर्कों के ज़रिये पंजाब में प्रतिदिन फिरौती के लिए धमकियां देने का सिलसिला भी लगातार जारी रहता है। चाहे सरकार द्वारा ऐसे नकारात्मक सिलसिले को सख्ती से रोकने के यत्न ज़रूर किए जा रहे हैं परन्तु इसके बावजूद प्रशासन को इस मोर्चे पर प्रतिदिन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए आने वाले दिनों में जहां प्रशासन को इस संबंध में बेहद सतर्क होने की ज़रूरत होगी, वहीं राजनीतिक पार्टियों, सामाजिक और अन्य तरह के संगठनों को भी माहौल को सही रखने के लिए प्रशासन के साथ सम्पर्क बना कर चलने की ज़रूरत होगी। नि:संदेह चंडीगढ़ का धमाका एक ऐसी चेतावनी है, जिसे किसी भी तरह नज़रअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

