अमेरिकी सेना में बड़ा फेरबदल: ईरान से जंग के बीच हटाए गए आर्मी चीफ रैंडी जॉर्ज

 

अमेरिका में सेना के शीर्ष स्तर पर बड़ा फैसला लिया गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के प्रमुख रैंडी जॉर्ज को तुरंत प्रभाव से रिटायर होने का आदेश दिया है। बता दें कि, जनरल रैंडी जॉर्ज का कार्यकाल सामान्य तौर पर 2027 तक चलना था, लेकिन उन्हें बीच में ही हटाया गया।

पश्चिम एशिया में ईरान के साथ जंग लड़ रहे अमेरिका ने एक बड़ा फैसला लिया है। दरअसल, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के सबसे वरिष्ठ अधिकारी रैंडी जॉर्ज को तुरंत प्रभाव से पद छोड़ने के लिए कह दिया है। पेंटागन ने गुरुवार को इसकी पुष्टि की, लेकिन इस फैसले के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। यह फैसला ऐसे समय लिया गया है जब अमेरिका और इस्राइल, ईरान के खिलाफ लगातार सैन्य कार्रवाई कर रहे हैं।

अगस्त 2023 से अमेरिकी सेना का नेतृत्व कर रहे थे जॉर्ज
जनरल रैंडी जॉर्ज अगस्त 2023 से सेना प्रमुख के पद पर थे और उनका कार्यकाल सामान्य तौर पर चार साल का होता है, लेकिन उन्हें बीच में ही हटाया गया। वे एक अनुभवी सैन्य अधिकारी रहे हैं और उन्होंने खाड़ी युद्ध, इराक और अफगानिस्तान जैसे बड़े युद्धों में हिस्सा लिया था। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने पुष्टि करते हुए कहा कि जनरल रैंडी जॉर्ज अब 41वें आर्मी चीफ के पद से तुरंत हट रहे हैं। उन्होंने जॉर्ज की देश के लिए दशकों की सेवा की सराहना भी की, लेकिन साथ ही यह भी साफ किया कि अब सेना में नेतृत्व बदलाव का समय आ गया था। दिलचस्प बात यह है कि रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले ही जनरल जॉर्ज वेस्ट प्वाइंट में कैडेट्स को प्रशिक्षण दे रहे थे और अपने अनुभव साझा कर रहे थे।

क्रिस्टोफर ला-नेव बनाए गए नए सेना प्रमुख
जनरल रैंडी जॉर्ज का कार्यकाल सामान्य तौर पर 2027 तक चलना था, लेकिन उन्हें बीच में ही हटाया गया। वे एक अनुभवी अधिकारी रहे हैं और उन्होंने खाड़ी युद्ध, इराक और अफगानिस्तान जैसे अहम मिशनों में हिस्सा लिया था। वे लॉयड ऑस्टिन के सैन्य सलाहकार भी रह चुके हैं। अब उनकी जगह अस्थायी तौर पर क्रिस्टोफर ला-नेव को आर्मी चीफ बनाया गया है। ला-नेव इससे पहले वाइस चीफ थे और 82वीं एयरबोर्न डिवीजन का नेतृत्व कर चुके हैं। पेंटागन ने उन्हें 'अनुभवी और भरोसेमंद' बताया है, जो प्रशासन की नीतियों को सही तरीके से लागू कर सकते हैं।

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