दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को मानहानि के मामले में ऊना की अदालत का नोटिस  

ऊना, 7 अप्रैल (हरपाल सिंह कोटला) - दिल्ली के पूर्व उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को ऊना की अदालत ने मानहानि के एक मामले में नोटिस जारी किया है। नोटिस में आम आदमी पार्टी नेता को 12 मई को अदालत में उपस्थित होने का आदेश जारी किया है। यह आदेश आम आदमी पार्टी के ही पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अनूप कुमार केसरी द्वारा मानहानि की दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया गया है। गौरतलब है कि याचिकाकर्ता ने पार्टी हाईकमान द्वारा हिमाचल के नेतृत्व को निरंतर अनदेखा किए जाने के कारण आम आदमी पार्टी को छोड़कर 8 मई 2022 को नई दिल्ली में पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और तत्कालीन भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की उपस्थिति में अपने समर्थकों सहित भाजपा का दामन थाम लिया था। जिसके बाद दिल्ली के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसौदिया ने 9 अप्रैल 2022 को दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान याचिकाकर्ता के  चरित्र पर गंभीर आरोप लगाए थे और अपने आरोपों के पक्ष में कोई प्रमाण नहीं दिया था। जिसके कारण याचिकाकर्ता ने स्वयं को आहत महसूस किया और इसे अपनी मानहानि बताया। तत्पश्चात आहत याचिकाकर्ता ने मानहानि के इसी आधार पर ऊना की अदालत में मनीष सिसौदिया के विरुद्ध केस दायर किया था। जिसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत किए साक्ष्यों प्रमाणों और गवाहों को सुनने के बाद प्रथम दृष्टया शिकायत को सही माना और आरोपी मनीष सिसौदिया को 12 मई 2026 को ऊना की अतिरिक्त मुख्य न्यायायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट नो एक के समक्ष प्रस्तुत होने का आदेश जारी किया है। मीडिया के पास अदालत द्वारा जारी आदेश की कॉपी भी प्रमाण के रूप में है। अब देखना होगा कि आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता और दिल्ली के तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री ऊना की अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए प्रस्तुत होते हैं या नहीं।

 
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