WFI: भारतीय कुश्ती महासंघ ने विनेश फोगाट को भेजा कारण बताओ नोटिस
चंडीगढ़ , 9 मई: भारतीय महिला पहलवान विनेश फोगाट वापसी से पहले लगातार मुश्किल में घिरती जा रही हैं। भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने विनेश को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, जिसका जवाब देने के लिए उन्हें 14 दिनों का समय दिया गया है।
वापसी से पहले छह महीने की निगरानी जरूरी
यूडब्ल्यूडब्ल्यू ने अपने पत्र में यह भी स्पष्ट किया था कि यदि विनेश दोबारा कुश्ती में वापसी करना चाहती हैं, तो उन्हें आईटीए या इंटरनेशनल फेडरेशन को कम से कम छह महीने पहले सूचना देनी होगी और इस दौरान एंटी-डोपिंग टेस्टिंग के लिए उपलब्ध रहना होगा। वाडा नियम 5.6.1 के अनुसार, कोई भी खिलाड़ी लंबे समय तक टेस्टिंग सिस्टम से बाहर रहने के बाद सीधे प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं ले सकता। ऐसा करने पर उसके परिणाम अमान्य घोषित किए जा सकते हैं।
विनेश से किस कारण मांगा गया जवाब
15 पन्नों के नोटिस में, डब्ल्यूएफआई ने आरोप लगाया कि विनेश के आचरण ने राष्ट्रीय स्तर पर शर्मिंदा किया है जिससे भारतीय कुश्ती की छवि को नुकसान पहुंचा है।
इतना ही नहीं उन्होंने डब्ल्यूएफआई संविधान, यूडब्ल्यूडब्ल्यू अंतरराष्ट्रीय कुश्ती नियमों और डोपिंग विरोधी नियमों के प्रावधानों का उल्लंघन किया है।
महासंघ ने उनसे चार आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है, जिनमें वजन निर्धारित सीमा तक न पहुंच पाने के कारण 2024 पेरिस ओलंपिक से उनकी अयोग्यता, डोपिंग विरोधी नियमों के तहत कथित तौर पर ठिकाने की जानकारी न देना और तत्कालीन आईओए द्वारा नियुक्त तदर्थ पैनल द्वारा आयोजित मार्च 2024 के चयन परीक्षणों के दौरान दो भार श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करना शामिल है।
विनेश की वापसी की योजना को लगा झटका
डब्ल्यूएफआई ने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि विनेश इस वर्ष 26 जून तक किसी भी घरेलू प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए पात्र नहीं हैं, जिसमें गोंडा में 10 से 12 मई तक होने वाला राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट भी शामिल है, जिसे उनका वापसी टूर्नामेंट माना जा रहा था। विनेश को भेजे गए नोटिस में लिखा गया, महासंघ को यह सुनिश्चित करना होगा कि आपने डोपिंग-विरोधी नियमों का कोई उल्लंघन नहीं किया है, जिसके कारण आप आगामी किसी भी प्रतियोगिता में महासंघ का प्रतिनिधित्व करने के लिए अयोग्य हो जाएं।

