कल भारत आएंगे म्यांमार के राष्ट्रपति, व्यापार और सीमा सुरक्षा पर होगी अहम चर्चा
नई दिल्ली, 29 मई - म्यांमार के राष्ट्रपति कल यानी 30 मई से चार दिन के आधिकारिक दौरे पर भारत आ रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को भारत-म्यांमार संबंधों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण बताया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रपति 2 जून तक भारत में रहेंगे और दिल्ली, बोधगया तथा मुंबई का दौरा करेंगे। इस दौरान उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अहम बैठक होगी, जिसमें दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी। ऐसे समय में यह दौरा हो रहा है, जब भारत अपने पूर्वोत्तर क्षेत्र की सुरक्षा, सीमा संपर्क और एक्ट ईस्ट नीति को नई मजबूती देने की कोशिश कर रहा है। म्यांमार भारत के लिए केवल पड़ोसी देश नहीं, बल्कि दक्षिण-पूर्व एशिया तक पहुंच का अहम द्वार भी माना जाता है।
विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि दोनों देशों के बीच सीमा सुरक्षा, कनेक्टिविटी, व्यापार और सभ्यतागत रिश्तों से जुड़े सभी मुद्दों पर बातचीत होगी। भारत और म्यांमार करीब 1600 किलोमीटर लंबी सीमा साझा करते हैं। पूर्वोत्तर भारत की सुरक्षा और उग्रवाद विरोधी अभियानों में म्यांमार की भूमिका अहम मानी जाती है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच सड़क, बंदरगाह और व्यापारिक संपर्क बढ़ाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। भारत की कोशिश है कि म्यांमार के जरिए दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों तक आर्थिक पहुंच और मजबूत हो। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश अपने पुराने ऐतिहासिक और दोस्ताना रिश्तों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। दौरे के दौरान व्यापार और निवेश बढ़ाने पर भी विशेष जोर रहेगा।

