गुरनाम भुल्लर के नाम रही शिमला समर फेस्टिवल की चौथी संध्या

- शिमला रिज पर गूंजे गुरनाम भुल्लर के गीत, हजारों दर्शक झूमे 

- पंजाबी लोक संस्कृति से सजी संध्या, फ्लैशलाइट और तालियों से गूंजा मैदान

शिमला : अंतर्राष्ट्रीय शिमला ग्रीष्मोत्सव-2026 की चौथी सांस्कृतिक संध्या प्रसिद्ध पंजाबी गायक गुरनाम भुल्लर के नाम रही। ऐतिहासिक रिज मैदान पर आयोजित इस संगीतमय संध्या में हजारों दर्शक उमड़े और पूरा मैदान खचाखच भर गया।गुरनाम भुल्लर ने मंच पर आते ही अपने चर्चित सुपरहिट गीतों से समां बांध दिया। उन्होंने पंजाबी लोक संस्कृति से जुड़े गीत भी पेश किए, जिन पर युवा, महिलाएं और बुजुर्ग सभी झूम उठे। उनकी दमदार आवाज और शानदार मंच प्रस्तुति ने दर्शकों को अंत तक बांधे रखा।गुरनाम भुल्लर ने शिमला की खूबसूरती और यहां के लोगों के प्रेम-उत्साह की तारीफ करते हुए कहा कि हिमाचल और खासकर शिमला में आकर गाना उनके लिए हमेशा खास अनुभव होता है।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं ने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर कलाकार का स्वागत किया और गीतों पर जमकर डांस किया। तालियों और जयकारों से रिज मैदान गूंजता रहा। संध्या की शुरुआत स्थानीय कलाकारों ने हिमाचली लोकनृत्य और लोकगीतों से की, जिसने दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से रूबरू कराया।आयोजकों के अनुसार ग्रीष्मोत्सव का उद्देश्य प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देना और पर्यटकों को मनोरंजन के साथ स्थानीय विरासत से जोड़ना है। चौथी संध्या की भारी भीड़ ने फेस्टिवल की लोकप्रियता एक बार फिर साबित कर दी।

 

 

 

 

 

◆ बारिश का फायदा उठाकर हुड़दंग की फिराक में थे युवा, जवानों ने दिखाया आईना

 

ग्रीष्मोत्सव के दौरान बारिश का फायदा उठाकर कुछ युवाओं ने हुड़दंगबाजी की कोशिश की, लेकिन तैनात पुलिस जवानों ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें रोक दिया। पुलिस ने हुड़दंगियों को चेतावनी देकर शांत माहौल बहाल किया और फेस्टिवल प्रेमी दर्शकों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी।

 

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