शिमला में सफाई व्यवस्था पर संकट, SEHB कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
शिमला 15 मई, (मनीष शारदा)- शिमला शहर की स्वच्छता व्यवस्था पर बड़ा संकट गहराता नजर आ रहा है। नगर निगम शिमला के तहत कार्यरत SEHB कर्मचारियों ने आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने के साथ-साथ शिमला की स्वच्छता रैंकिंग में भी भारी गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है। SEHB कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष का कहना है कि उन्हें नियमों के मुताबिक 10 फीसदी वेतन बढ़ोतरी मिलनी चाहिए, लेकिन लंबे समय से उनकी मांगों को अनदेखा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार प्रशासन और संबंधित अधिकारियों के समक्ष अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से कर्मचारियों ने अब आर-पार की लड़ाई लड़ने का फैसला लिया है।
SEHB यूनियन के अध्यक्ष जसवंत ने जिला प्रशासन द्वारा लागू किए गए ESMA को भी वापस लेने की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि वह अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और प्रशासन दबाव बनाकर उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि वे अपनी मांगों के लिए नौकरी गंवाने तक के लिए तैयार हैं, लेकिन पीछे हटने वाले नहीं हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा की जब जनता से यहां पर 10% प्रति वर्ष वसूला जा रहा है तो उन्हें उनके वेतन में लाभ क्यों नहीं दिया जा रहा है उन्होंने साफ तौर पर कहा कि दौरा मापदंड नहीं चलेगा।
इस हड़ताल का असर शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। आज लोगों के घरों से रोज़ की तरह कूड़ा नहीं उठाया गया। शहर के कई इलाकों में कूड़ा उठान प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। स्वच्छता सर्वेक्षण के महत्वपूर्ण समय में शुरू हुई यह हड़ताल नगर निगम प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। वहीं, स्थानीय लोगों ने भी चिंता जताई है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो शहर में गंदगी बढ़ सकती है और इसका सीधा असर पर्यटन नगरी शिमला की छवि पर पड़ेगा। अब सबकी नजर प्रशासन और कर्मचारियों के बीच होने वाली संभावित वार्ता पर टिकी हुई है।

