अपने बच्चों को आखिरी बार देखने से रोकी गईं मां शकुंतला, बोलीं- "मैंने क्या गलती की, मैं भी उनके साथ मरने के लिए कूद गई थी"
डेराबस्सी, 2 जुलाई - मोहाली में तीन बच्चों को नहर में फेंकने के मामले में आरोपी मां शकुंतला बच्चों के अंतिम संस्कार के दौरान अपने भाई और भाभी के साथ श्मशान घाट पहुंची लेकिन मौके पर मौजूद परिवार वालों ने उसे बच्चों के अंतिम दर्शन करने से रोक दिया। परिवार वालों ने कहा कि जिसने बच्चों की जान ली, उसे उनका चेहरा देखने का कोई हक नहीं है। इस दौरान शकुंतला रोते हुए कहती दिखी, "मैंने क्या गलती की? मैं भी बच्चों के साथ नहर में कूद गई थी, लेकिन लोगों ने मुझे बचा लिया।"
शकुंतला ने आरोप लगाया कि पति कमल की मौत के बाद उसे ससुराल वाले लगातार परेशान कर रहे थे। उसके मुताबिक, उसका देवर, सास, ससुर, ननद और ननदोई उसके साथ मारपीट करते थे। शकुंतला का दावा है कि उसने कई लोगों और गांव के सरपंच से भी मदद की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसका साथ नहीं दिया। इसी तनाव और लाचारी के चलते उसने बच्चों के साथ नहर में कूदने का कदम उठाया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और परिवार के सदस्यों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं।

