मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर की गैर-हाजिरी पर चरणजीत सिंह चन्नी ने उठाए सवाल
जालंधर, 24 अगस्त (दविंदर) - सांसद चरणजीत सिंह चन्नी डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने सरकार की तीखी आलोचना की। उन्होंने डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया और पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह की गैरहाजिरी पर सवाल उठाए। मीडिया से बात करते हुए चन्नी ने कहा कि वह दिशा कमेटी की मीटिंग के लिए डिप्टी कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार द्वारा आयोजित एक मीटिंग है, जहां अधिकारी सांसदों के साथ विकास और केंद्र सरकार की योजनाओं पर चर्चा करते हैं। चन्नी ने कहा कि मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर और पुलिस कमिश्नर कार्यालय से गैरहाजिर थे। चन्नी ने कहा कि जब वह मीटिंग के लिए पहुंचे तो दोनों अधिकारी कामकाज के सिलसिले में बाहर थे। उन्होंने कहा कि वह एक महत्वपूर्ण मीटिंग के लिए पहुंचे थे, लेकिन सरकार ने जूनियर अधिकारियों को शामिल होने के लिए भेजा था।
उन्होंने विकास और सफाई की कमी को लेकर भी सरकार की आलोचना की और कहा कि शहर की सफाई व्यवस्था बेहद खराब है। सफाई कर्मचारी निराशा के चलते हड़ताल पर चले गए हैं। अगले आठ साल के लिए सफाई का ठेका 608 करोड़ रुपये में एक बाहरी कंपनी को दिया गया था। चन्नी ने बताया कि मनीष सिसोदिया की कंपनी को ठेका दिया गया था, लेकिन टेंडर अभी तक पूरा नहीं हुआ है। शहर में लगे कूड़े के ढेर ने स्थिति को और भी बदतर कर दिया है। उन्होंने आगे कहा कि 9 विधानसभा हलकों का विकास बेहद खराब स्थिति में है। पश्चिमी हलके में लोग पानी की कमी का सामना कर रहे हैं और सीवरेज की निकासी नहीं हो रही है।
उन्होंने दो ट्यूबवेल लगाने के लिए फंड उपलब्ध करवाए, लेकिन ट्यूबवेल के लिए जगह नहीं दी जा रही है। चन्नी ने बताया कि आदमपुर में एक सड़क और ओवरब्रिज के लिए फंड मंजूर किए गए थे, लेकिन उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा है। निचली सड़क के निर्माण के लिए केंद्र सरकार के फंड आवंटित किए गए हैं, लेकिन ड्रेनेज का मुद्दा अभी भी अनसुलझा है। कूड़ा डंप ओवरफ्लो हो रहा है और इसके लिए कोई प्रबंध नहीं है। कूड़े के डंप के कारण छावनी हलका भयानक स्थिति का सामना कर रहा है।
आज की मीटिंग के दौरान डिप्टी कमिश्नर और कमिश्नर की गैरहाजिरी के बाद सोमवार को एक और मीटिंग रखी गई है। यदि अधिकारी पेश नहीं होते हैं, तो वह इस मामले को लेकर स्पीकर को पत्र लिखेंगे। चन्नी ने कहा कि सरकार के पास कर्मचारियों की तनख्वाह, पेंशन और गांव के विकास के लिए फंड की कमी है। इसी कारण यूनियनें लगातार चौथे दिन सड़कों पर प्रदर्शन कर रही हैं। हालांकि ‘आप’ सरकार ने सत्ता में आने से पहले हड़ताल न करने का वादा किया था, लेकिन हर जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। पंजाब के ठेके दिल्ली की कंपनियों को दिए जा रहे हैं। हर तरफ पानी खड़ा होने से बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
चन्नी ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर मुख्यमंत्री का घर भ्रष्टाचार का केंद्र बन जाता है तो यह शर्मनाक कार्रवाई होगी। चन्नी ने कहा कि हाईकोर्ट यह नहीं कह रहा, बल्कि हजारों करोड़ रुपये की रेत लूटने वाली सरकार कोई आरोप नहीं लगा रही है। उन्होंने दुष्कर्म के एक मामले में 5 करोड़ रुपये की कथित रिश्वतखोरी को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।

