जितनी हो सकें उतनी भाषाएं सीखें, लेकिन अपनी भाषा को न छोड़ें - हिंदी दिवस पर युवाओं से अमित शाह
नई दिल्ली, 14 सितंबर - हिंदी दिवस पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "हिंदी दिवस के अवसर पर मैं आप सभी को दिल से शुभकामनाएं देता हूं। हमारा देश भारत भाषाई विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि वाली एक अनूठी धरती है। लोग अक्सर हमारी भाषाओं के अलग-अलग होने की बात करते हैं और कई बार इसे कमजोरी के रूप में देखते हैं; लेकिन मेरा मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में भाषाओं का होना वास्तव में हमारी सबसे बड़ी ताकत है। हर भाषा अपने साथ एक इतिहास, लोक परंपराएं और जीवन के प्रति एक अलग दृष्टिकोण लेकर आती है, जो हमारी नई पीढ़ी के मूल्यों को गढ़ने में मदद करते हैं। यही भाषाई विविधता भारत में 'विविधता में एकता' की भावना को मजबूत करती है।"
उन्होंने कहा, "मैं युवाओं से यह कहना चाहता हूं कि आप दुनिया की जितनी हो सकें उतनी भाषाएं सीखें, लेकिन अपनी भाषा को न छोड़ें। मैं देशभर के सभी माता-पिता से भी कहना चाहता हूं कि वे अपने बच्चों के साथ उनकी मातृभाषा में बातचीत करना सुनिश्चित करें। हीन भावना से बड़ा कोई पाप नहीं है, जो यह एहसास कराती है कि अपनी भाषा बोलने से इंसान छोटा महसूस होता है। यही भाषा है जो हमें हमारी मां, हमारी मिट्टी, हमारे इतिहास और हमारी संस्कृति से जोड़ती है।"

