मुश्किल वक्त में नेपाल का सच्चा दोस्त बना भारत: बाढ़ संकट के बीच रोज देगा 18 घंटे बिजली
नई दिल्ली, 15 सितंबर - नेपाल में हाल ही में आई भीषण बाढ़ के कारण जलविद्युत बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है जिससे पड़ोसी देश में बिजली का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इस कठिन समय में भारत ने पड़ोसी प्रथम नीति के तहत बड़ा कदम उठाते हुए नेपाल को 31 दिसंबर, 2026 तक प्रतिदिन 18 घंटे बिजली निर्यात करने की आधिकारिक मंजूरी दे दी है।
केंद्रीय बिजली मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार नेपाल बिजली प्राधिकरण को 13 सितंबर 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक रोजाना रात 00:00 बजे से शाम 18:00 बजे के बीच बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
दो मुख्य ट्रांसमिशन लाइनों के जरिए होगी आपूर्ति
नेपाल की बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत दो प्रमुख अंतरराष्ट्रीय ट्रांसमिशन लाइनों का उपयोग करेगा:
मुजफ्फरपुर-ढलकेबार (400 kV S/C) लाइन: इसके माध्यम से नेपाल को 600 मेगावाट (MW) तक बिजली मिलेगी।
टनकपुर-महेंद्रनगर (132 kV S/C) लाइन: इसके जरिए 54 मेगावाट (MW) तक बिजली की आपूर्ति की जाएगी।
वहीं सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनवरी 2027 से आगे निर्यात की जाने वाली बिजली की मात्रा और शर्तों की समीक्षा दिसंबर 2026 में की जाएगी।
नेपाल में बिजली संकट और भारत का सहयोग
बयान में कहा गया है कि हाल ही में आई प्राकृतिक आपदा ने नेपाल की घरेलू बिजली उत्पादन क्षमता को काफी प्रभावित किया है जिससे देश में बिजली की अतिरिक्त मांग पैदा हुई है। भारत द्वारा दी गई यह त्वरित राहत नेपाल को इस ऊर्जा संकट से उबारने में मदद करेगी। बिजली मंत्रालय ने भारत की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच ऊर्जा क्षेत्र में लंबे समय से चले आ रहे रणनीतिक संबंधों और आपसी सहयोग को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

