‘नशा मुक्त पंजाब’

विगत अवधि से भारतीय जनता पार्टी पंजाब में बड़ी सक्रिय दिखाई दे रही है, वह स्वयं को आगामी वर्ष के शुरू में प्रदेश के होने वाले चुनाव के लिए तैयार करने में लगी हुई है। उसने यह सक्रियता पूरे योजनाबद्ध ढंग से शुरू की हुई है, जिसमें वह प्रदेश के बड़े शहरों के अतिरिक्त कस्बों और गांवों तक भी अपना सम्पर्क बनाने के यत्न में है। अब तक उसने अपना आधार बढ़ाने के लिए अन्य पार्टियों के ज्यादातर छोटे-बड़े नेताओं को भी अपने संगठन में शामिल किया है। अपनी इसी योजनाबंदी की एक कड़ी के रूप में उसने 13 दिवसीय ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’  शुरू की थी, जिसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने पठानकोट से शुरू की थी। इसी तरह अलग-अलग स्थानों से तीन और यात्राएं भी शुरू की गई थीं, जिनका मुख्य उद्देश्य पार्टी का संदेश प्रदेश के 117 विधानसभा क्षेत्रों तक लेकर जाना और इस ढंग से ज्यादातर गांवों तक सम्पर्क करना भी था।
ये सभी यात्राएं बुधवार 30 सितम्बर को जालन्धर में इकट्ठी हुईं, जहां केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आयोजित किए गए समारोह को सम्बोधित किया। 13 दिनों की इन यात्राओं में भाजपा के केन्द्रीय मंत्रियों से लेकर वरिष्ठ नेताओं और कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने भी इनमें भाग लिया और स्थान-स्थान पर यह संदेश दिया कि वर्षों से पंजाब के युवाओं के लिए बड़ा खतरा बने हुए नशे के प्रचलन को प्रत्येक स्थिति में खत्म करना है, जिसके लिए समूचे समाज का सहयोग बेहद ज़रूरी है।
जहां तक नशों के प्रचलन का संबंध है, यह पंजाबियों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। विशेष रूप से पंजाब के युवाओं को इसने दीमक की भांति खाना शुरू कर दिया है। इसलिए पिछले दशकों में यह मुद्दा प्रदेश के एक बड़े मुद्दे में शामिल रहा है। इसे खत्म करने के लिए तत्कालीन सरकारों ने भी अपना पूरा ज़ोर लगाया है। प्रत्येक नई सरकार ने आते ही इसे एक निर्धारित अवधि में खत्म करने के दावे भी किए, परन्तु इनके बावजूद नशे के विरुद्ध लड़ाई जारी है। मौजूदा ‘आप’ सरकार ने भी इस बुरे प्रचलन को खत्म करने के लिए बड़े यत्न आरम्भ किए हुए हैं। इसके लिए प्रत्येक पक्ष से कड़े कदम भी उठाए गए हैं। जो अब तक भी जारी हैं। इसी दिशा में भाजपा ने भी अब कदम उठाए हैं। इनके यत्नों की भी हम प्रशंसा करते हैं।
जहां तक इस पार्टी का संबंध है, विगत अवधि में इसके वरिष्ठ नेताओं ने समय-समय पर प्राथमिकता के आधार पर प्रदेश के दौरे किए हैं। इससे पहले फरवरी महीने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोआबा में रविदासिया समुदाय के प्रतिष्ठित केन्द्र डेरा बल्लां की यात्रा की थी और आदमपुर हवाई अड्डा गुरु रविदास जी को समर्पित किया था। इसी तरह वह जुलाई महीने में जालन्धर कैंट के नए आधुनिक रेलवे स्टेशन  का उद्घाटन करने पहुंचे थे। अब केन्द्रीय गृह मंत्री का जालन्धर दौरा भी इसी सिलसिले का ही एक हिस्सा माना जा सकता है।
अमित शाह ने यहां आकर स्पष्ट रूप में कहा है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव ‘नशा मुक्त पंजाब’ के मुद्दे पर लड़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अपने कार्यकाल में भाजपा ने देश भर में अपने किए बड़े वादों को पूरा किया है। इसी संबंध में उन्होंने कहा कि प्रदेश में उनकी सरकार बनने पर दिसम्बर 2029, अभिप्राय 2 वर्ष की अवधि में पंजाब को पूरी तरह नशा मुक्त कर दिया जाएगा। हम उनकी इस भावना का सम्मान करते हैं, परन्तु इसके साथ-साथ हमारा यह भी विचार है कि पंजाब द्वारा इस लाहनत से पीछा छुड़ाने के लिए सभी पार्टियों और समूचे समाज को एक भावना के साथ बड़े यत्न करने होंगे और इसके विरुद्ध लड़ाई संयुक्त भावना के साथ ही लड़ी और जीती जा सकती है। इस संबंध में मिली सफलता प्रदेश के लोगों के लिए एक वरदान सिद्ध हो सकती है। 

—बरजिन्दर सिंह हमदर्द

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