नशा तस्करी के मामलों में 1.27 लाख से ज्यादा गिरफ्तारियां कीं - डीजीपी गौरव यादव

जालंधर, 21 अक्टूबर (जतिंदर पम्मी)- पंजाब पुलिस की ओर से प्रदेश में नशा तस्करी, गैंगस्टरों और आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी गौरव यादव द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, मार्च 2022 से अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 95 हजार से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं और 1 लाख 27 हजार से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 7,200 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन बरामद करने के साथ-साथ 902 करोड़ रुपये की संपत्ति फ्रीज की गई है।

यह जानकारी डीजीपी गौरव यादव ने आज पीएपी में पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पंजाब पुलिस के शहीदों को श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दी। उन्होंने बताया कि एनडीपीएस मामलों में 90 प्रतिशत सजा दर होने का दावा किया गया है। उनके अनुसार, नशा तस्करी के बड़े नेटवर्कों को तोड़ने के लिए तस्करों की गिरफ्तारी के साथ-साथ उन्हें आर्थिक सहायता देने वाले स्रोतों और उनकी संपत्तियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने बताया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई को और प्रभावी बनाने के लिए पंजाब सरकार की ओर से 60 दिनों का विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। इसके तहत नशे से प्रभावित इलाकों की पहचान करके नशा बेचने और सप्लाई करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान में पुलिस के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभागों को भी शामिल किया जाएगा। नशा प्रभावित इलाकों में खेल मैदान बनाने, स्ट्रीट लाइटें और सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ-साथ नशामुक्ति उपचार और पुनर्वास सुविधाओं को मजबूत करने पर भी जोर दिया जाएगा।

गौरव यादव के अनुसार, पंजाब पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स की ओर से अब तक विभिन्न संगठित आपराधिक गिरोहों के 3,526 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा, 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 2,507 हथियार और 752 वाहन बरामद किए गए हैं।

आंतरिक सुरक्षा के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस ने 86 आतंकवादी मॉड्यूल का पर्दाफाश करके 660 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों के दौरान 38 आईईडी, 131 हैंड ग्रेनेड, 28 किलोग्राम आरडीएक्स और छह रॉकेट लॉन्चर बरामद करने का दावा किया गया है। उन्होंने कहा कि सीमा पार से संचालित नशा तस्करी और आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ बीएसएफ तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ तालमेल करके कार्रवाई की जा रही है।

डीजीपी ने बताया कि पंजाब पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए इमारतों, आधुनिक उपकरणों और सॉफ्टवेयर समेत विभिन्न क्षेत्रों में 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया गया है। इसके साथ ही साइबर अपराधों से निपटने के लिए पुलिस की क्षमता बढ़ाने और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि नशे, गैंगस्टरों और आतंकवादी नेटवर्कों के खिलाफ कार्रवाई को और मजबूत करने के साथ-साथ नशा प्रभावित इलाकों के पुनर्विकास और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार के 60 दिनों के विशेष अभियान का उद्देश्य नशा तस्करी पर नियंत्रण पाने के साथ-साथ प्रभावित इलाकों में सुधार लाना और युवाओं को खेलों तथा अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है।

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