लोगों को आने वाले चुनावों में बीजेपी को सबक सिखाकर महंगाई के खिलाफ अपना गुस्सा जताना चाहिए: कांग्रेस
नई दिल्ली, 6 नवंबर कांग्रेस ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि आम लोग महंगाई और कर्ज के दुष्चक्र में फंस गए हैं। पार्टी ने कहा कि अब पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर के मतदाताओं की जिम्मेदारी है कि वे आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को करारी शिकस्त देकर बढ़ती कीमतों के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करें।
कांग्रेस के संचार विभाग के महासचिव जयराम रमेश ने 'एक्स' (X) पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा की। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि 'पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना' जैसी सरकारी योजनाओं से मदद मिलने के बावजूद, ग्रामीण इलाकों में बढ़ती महंगाई लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा रही है।
रिपोर्ट में नाबार्ड (NABARD) के एक सर्वे का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि महंगाई के कारण ग्रामीण परिवारों को अपनी कुल मासिक आय का 53.5 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ खाने-पीने की चीजों पर खर्च करना पड़ रहा है।
हिंदी में किए गए अपने पोस्ट में रमेश ने कहा कि मोदी सरकार के दौर में आम आदमी का जीवन महंगाई और कर्ज के दोहरे दुष्चक्र में फंस गया है।
रमेश ने कहा, "मोदी सरकार के ग्रामीण समृद्धि के दावों की पोल उसी के अपने संस्थान, नाबार्ड के सर्वे से खुल रही है। ग्रामीण परिवारों के खर्च का आधे से ज्यादा हिस्सा भोजन पर हो रहा है। बचत कम हो रही है, कर्ज लेने वालों की संख्या बढ़ रही है, और अनौपचारिक स्रोतों से लिए गए कर्ज पर लोगों को 18.3 प्रतिशत तक सालाना ब्याज देना पड़ रहा है।"
उन्होंने कहा कि सरकार जमीनी हकीकत को मानने से ही इनकार कर रही है, जिससे सुधार की कोई गुंजाइश नहीं बचती।
रमेश ने दावा किया, "लगातार बढ़ती महंगाई ने गरीबों और मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। आम जनता पहले ही रोजमर्रा की जरूरी चीजों - जैसे सब्जियां, फल, दालें, खाना पकाने का तेल, दूध और आटा - की बढ़ती कीमतों के बोझ तले दबी हुई है।" उन्होंने यह भी कहा कि 2027 तक चिकित्सा खर्च में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
उन्होंने आगे दावा किया कि दिवाली के बाद साबुन, बिस्कुट, नूडल्स और रोजमर्रा की अन्य जरूरी चीजों की कीमतें भी बढ़ने वाली हैं।
रमेश ने कहा कि लोगों की कमाई में कोई राहत नहीं है, महंगाई पर कोई लगाम नहीं है और स्वास्थ्य सेवाओं के खर्च में भी कोई कमी नहीं आ रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के "विकास" की सच्चाई यह है कि आम आदमी की थाली छोटी होती जा रही है, जेबें खाली हो रही हैं और कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है।
रमेश ने कहा, "अब, जब मोदी सरकार सत्ता के अहंकार में डूबी हुई है और महंगाई को काबू करने के लिए कोई कोशिश नहीं कर रही है, तो पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, गोवा और मणिपुर के जागरूक नागरिकों की यह जिम्मेदारी बनती है कि वे आने वाले विधानसभा चुनावों में बीजेपी को करारी शिकस्त देकर महंगाई के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करें।"
कांग्रेस ने बार-बार बढ़ती कीमतों का मुद्दा उठाया है और सरकार पर "जन-विरोधी" नीतियां अपनाने का आरोप लगाया है।
हालांकि, सरकार ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है और जीडीपी के आंकड़ों की ओर इशारा किया है।

