फिल्म की असफलता से निराश नहीं होता 


अपने फिल्मी सफर के दौरान हमेशा कुछ न कुछ नया करने की फिराक में रहने वाले शाहरुख खान का कहना है कि फिल्म की असफलता से उन्हें निराशा नहीं होती। वो पहले से भी अधिक जी-जान से काम करने की ठान लेते हैं। यही वजह है कि उनकी कई फिल्मों ने टिकट खिड़की पर आशा से कहीं अधिक लोकप्रियता पाई है। ‘दिलवाले दुल्हनियां ले जाएंगे’ के साथ-साथ बहुत ही अन्य फिल्मों में अलग-अलग किरदार निभाते हुए अपनी कला का जानदार प्रदर्शन करके दर्शकों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले शाहरुख कहते हैं कि मेरे अब तक के फिल्मी अनुभव काफी अच्छे रहे हैं, और खास बात यह है कि मैं उन अनुभवों को फिल्मों के ज़रिए अपने चाहने वालों को बांटने की कोशिश करता हूं।वे कहते हैं कि बहुत से लोगों का कहना है कि मैं किसी को मज़ाक करते समय उनकी आयु या समय-स्थान पर ध्यान नहीं देता। ऐसे मेरे बारे में सोचना बिल्कुल गलत है। दरअसल मुझे लगता है कि मेरे सेंस ऑफ ह्यूमर को अक्सर लोग समझ नहीं पाते। इसका मतलब यह नहीं है कि मैं अपनी मज़ाक करने की आदत का त्याग कर दूं। लोग मेरी बात का क्या मतलब निकालते हैं यह उनकी समस्या है, मेरी नहीं।

-नरेन्द्र लागू