इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से पंचायत चुनाव के कार्यक्रम के बारे में जानकारी मांगी
प्रयागराज, 18 मार्च (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव प्रक्रिया के संबंध में निर्देश देने के अनुरोध से संबंधित एक रिट याचिका पर राज्य निर्वाचन आयोग से हलफनामा दाखिल करके यह बताने को कहा है कि क्या वह संविधान के अनुच्छेद 243ई के मुताबिक चुनाव संपन्न कराने की स्थिति में है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की पीठ ने इम्तियाज हुसैन नाम के एक व्यक्ति की याचिका पर यह निर्देश दिया। हुसैन ने चुनाव आयोग को जिला पंचायत का कार्यकाल पूरा होने से पहले संपूर्ण पंचायत चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए एक विस्तृत समयबद्ध कार्यक्रम पेश करने का निर्देश देने का अनुरोध किया है।
अदालत ने 13 मार्च को अपने आदेश में कहा, प्रतिवादी संख्या 2 (राज्य चुनाव आयोग) से यह अपेक्षा की जाती है कि वह चुनाव कराने का पूरा कार्यक्रम तय करके अगली तिथि पर इसे पेश करे। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 25 मार्च की तारीख तय की। अदालत ने कहा, Þहम राज्य सरकार से भी यह सुनिश्चित करने का अनुरोध करते हैं कि अगली तिथि पर महाधिवक्ता या अपर महाधिवक्ता पेश होकर उक्त मुद्दे पर अदालत में अपना पक्ष रखें। याचिकाकर्ता ने दलील दी कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 243ई के तहत पंचायत का कार्यकाल पहली सभा की तिथि से पांच साल तक का होना चाहिए। याचिकाकर्ता के अनुसार प्रदेश में सभी ग्राम पंचायतों की पहली बैठक 27 मई, 2021 को हुई थी और इस प्रकार पांच वर्ष का कार्यकाल 26 मई, 2026 को समाप्त हो जाएगा।

