एक दिसम्बर से फास्टैग ज़रूरी न होने पर लगेगा जुर्माना


नई दिल्ली, 21 नवम्बर (एजैंसी) : देश में इलैक्ट्रोनिक टोल को उत्साहित करने व यात्रियों को सुविधा देने के लिए सरकार 1 दिसम्बर से नैशनल हाईवे पर फास्ट टैग या आर.एफ.आई.डी. को ज़रूरी करने जा रही है। देश भर के सभी राष्ट्रीय मार्ग टोल प्लाज़ों पर फास्ट टैग ज़रूरी होने जा रहा है। आर.एफ.आई.डी. या रेडियो फ्रीकुएंसी इन्फ्रारैड डिवाइस वास्तव में एक छोटी चिप या स्टिकर होता है, जिसको वाहन के अगले शीशे पर चिपका सकते हैं। इसी स्टिकर या चिप को फास्ट टैग कहते हैं। फास्ट टैग लगा वाहन जब राष्ट्रीय मार्ग या किसी टोल प्लाज़ा से गुज़रेगा तो वहां टोल पर लगे हाई डैफीनेशन कैमरे आर.एफ.आई.डी. या फास्ट टैग को स्कैन कर लेंगे तथा टोल भुगतान इलैक्ट्रोनिक ढंग से हो जाएगा। यदि वह गाड़ी 24 घंटे के अंदर उस टोल को वापस पार करती है तो उससे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा बल्कि उसके खाते से अप-डाऊन वाली राशि कट होगी। अब नए वाहनों पर पहले ही यह फास्ट टैग लग कर आते हैं। पुराने वाहनों के लिए फास्ट टैग को खरीदना व लगाना होगा।
कैसे बनेगा आर.एफ.आई.डी. 
आर.एफ.आई.डी. किसी भी बैंक में बनवाया जा सकता है। बहुत से टोलों पर बैंक अधिकारी-कर्मचारी बिठा दिए गए हैं ताकि वाहन चालक वहीं अपनी प्रक्रिया को पूरा कर सकें। इसके वाहन चालक को अपने वाहन की आर.सी., आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि की फोटो कापी की ज़रूरत होती है।
रिचार्ज या एक्टीवेट करने के लिए
 मोबाइल पर माई फास्ट टैग एप्स डाऊनलोड कर फास्ट टैग को ऐप से लिंक किया जा सकता है। फिर यू.पी.आई. या बैंक खाते ज़रिये मोबाइल ऐप की सहायता से फास्ट टैग को रिचार्ज किया जा सकता है।
एक दिसम्बर से होगा शुरू
 वाहन टोल पर आने पर आर.एफ.आई.डी. टैग लगा होगा तो टोल पर लगा कैमरा उसको डिटैक्ट करेगा। वाहन ने फास्ट टैग लिया होगा तो उसके खाते से टोल की राशि अपने आप कट जाएगी तथा सामने लगा आटोमैटिक बैरियर खुल जाएगा। इससे गाड़ी आसानी से टोल से गुज़र जाएगी। यदि वाहन पर टैग नहीं है तथा टोल प्लाज़ा पर गलत लेन में गाड़ी ले जाई जाती है तो जुर्माने तहत दुगनी टोल राशि का भुगतान करना पड़ सकता है।