राज्य में बिजली खपत 5400 मैगावाट रही


पटियाला, 22 नवम्बर (अ.स.) : बीते दिन बारिश होने से राज्य में धान की पराली जलाने के कारण उठते धुएं के गुबार से लोगों को निजात मिली वहीं कई स्थानों  पर किसानों की खेतों में खड़ी और मंडियों में पड़ी फसलों को नुक्सान का सामना करना पड़ा परंतु बारिश का राज्य में बिजली की मांग पर कोई अधिक असर देखने को नहीं मिला और राज्य में बिजली की मांग पिछले सप्ताह के लगभग ही रही। इस समय राज्य में बिजली की मांग 5400 मैगावाट रही। बिजली निगम के अपने सरकारी बिजली ताप घरों की बात करें तो रोपड़ स्थित श्री गुरु गोबिंद सिंह सुपर ताप बिजली घर और लहरा मुहब्बत स्थित गुरु हरगोबिंद साहिब ताप बिजली घर बंद पड़े हैं। निजी ताप बिजली घरों से हुए समझौतों के कारण राज्य में बिजली की मांग का पूरा भार निजी ताप बिजली घरों पर है। इस समय निजी ताप बिजली घरों में राजपुरा के नलास ताप बिजली घर के 2 यूनिटों से 1319 मैगावाट, तलवंडी साबो के ताप बिजली घर के 3 यूनिटों से 1335 मैगावाट बिजली प्राप्त की जा रही है। इस समय निजी ताप घरों से कुल 2654 मैगावाट बिजली खरीदी जा रही है। बिजली निगम को पन बिजली घरों से करीब 406 मैगावाट बिजली प्राप्त हो रही है जिसमें क्रमवार रणजीत सागर डैम से 147 मैगावाट, हिमाचल के जोगिंदर नगर स्थित शानन पन बिजली घर से 20 मैगावाट, अपरबारी दोआब कैनाल प्रोजैक्ट से 44 मैगावाट और मुकेरियां पन बिजली घर से 195 मैगावाट बिजली प्राप्त की जा रही है। इन ताप घरों के अतिरिक्त नवीनीकरण स्त्रोतों से 68 मैगावाट बिजली का योगदान मिल रहा है। निगम को इन सभी स्त्रोतों से 3128 मैगावाट बिजली प्राप्त हो रही है।