कुत्ते कहां से आते हैं ?
‘दीदी, आज मैंने एक जगह टोमारकट्स शब्द लिखा हुआ देखा, मेरी तो समझ में ही नहीं आया कि इस शब्द का अर्थ क्या है।’
‘डॉग परिवार के सभी जीवित सदस्य एक भेड़िये जैसे प्राणी के वंशज हैं, जिसे टोमारकट्स बजने कहते हैं। यह प्राचीन प्राणी ‘कुत्तों का पिता’ है और पृथ्वी के जंगलों में शायद 15,000,000 वर्ष पहले घूमता था।’
‘वह तो फिर जंगली कुत्ता हुआ।’
‘हां। लेकिन तुम्हें मालूम होना चाहिए कि जंगली कुत्तों के सभी गुण व आदतें घरेलू कुत्ते भी शेयर करते हैं। घरेलू कुत्ते अपनी खाल के नीचे भेड़ियों, सियारों व जम्बुक के भाई हैं, जोकि विचित्र जंगली कुत्ते ही हैं। इन सभी का संबंध डॉग परिवार की शाखा से है, जिसे कैनिस कहते हैं।’
‘वैसे इन सब में कितनी करीबी रिश्तेदारी होगी?’
‘इतना गहरा संबंध है कि घरेलू कुत्ते भेड़ियों, सियारों व जम्बुक से मिलन करके स्वस्थ बच्चा पैदा कर सकते हैं।’
‘अच्छा!’
‘लेकिन इनमें से कोई भी प्रजाति लोमड़ियों से इंटरब्रीड नहीं करेगी।’
‘क्यों?’
‘चूंकि लोमड़ी का संबंध कैनाइन परिवार की एक अन्य शाखा से है।’
‘ये जंगली कुत्ते घरेलू कुत्ते किस तरह से बने?’
‘दरअसल, प्राचीन मानव ने कुछ जंगली कुत्तों को साधा था। ये कुत्ते शायद भेड़िये के बच्चे हों। यह भी हो सकता है कि जम्बुक या जंगली कुत्ते के परिवार के किसी अन्य सदस्य के बच्चे हों। मानव ने पाया कि ये जानवर उपयोगी हो सकते हैं। वह इनका इस्तेमाल अन्य जानवरों व पक्षियों को पकड़ने के लिए करने लगा, फूड व कपड़ों के लिए।’
‘ओके।’
‘फिर जब मानव अधिक सभ्य हो गया तो उसने पाया कि कुत्ता अच्छा दोस्त है जो उसके घर व मवेशियों की रक्षा कर सकता है। इसलिए समय के साथ विशेष उद्देश्यों के लिए कुत्तों की अलग-अलग ब्रीड्स विकसित की जाने लगीं। मसलन, लम्बी नाक के सेटर्स खरगोश व शिकार के अन्य जानवरों की गंध को ट्रैक करने के लिए बनाये गये। अन्य कुत्ते गार्ड वर्क, युद्ध में दुश्मन को ट्रैक करने के लिए विकसित किये गये।’
-इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर