जो दूर गए तुम हमसे
जो दूर गए तुम हमसे
बस याद ही बाकि है
खुश दिन हैं सारे गुजरे
काली रात ही बाकी है।
सारे सपने सच होने की
कोई आस न बाकि है
सारे मोती बिखर गए हैं
खाली हाथ ये बाकि है।
उम्मीद सी थी मेरे दिल में
जब वापस तुम आओगे
खिलोने न सही पर
ढेरों खुशियां तुम लाओगे ।
ढूंढे मेरी अंखियां हरपल
तुम कहां गुम गए पापा
आ जाओ वापस फिर से
मेरा हाथ थाम लो पापा।
सुलझाओ मेरी उलझन
मुझे गोद में लो न पापा
चूमो मेरा माथा फिर से
मुझे गले लगाओ पापा।
है वादा मेरा तुमसे
हर बात मैं अब मानूंगा
न ज़िद करूंगा अब
न चांद को मै चाहूंगा।
#जो दूर गए तुम हमसे