मैं श्रीलंका के लोगों के धैर्य और साहस की सराहना करता हूं- प्रधानमंत्री मोदी
कोलंबो, 5 अप्रैल - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके द्वारा श्रीलंका मित्र विभूषण से सम्मानित किया जाना मेरे लिए गौरव की बात है। यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। यह भारत और श्रीलंका के बीच ऐतिहासिक संबंधों और गहरी मित्रता का सम्मान है। इस सम्मान के लिए मैं राष्ट्रपति, श्रीलंका सरकार और यहां के लोगों का आभार व्यक्त करता हूं।"
प्रधानमंत्री के तौर पर यह मेरी श्रीलंका की चौथी यात्रा है, 2019 में मेरी पिछली यात्रा बहुत ही संवेदनशील समय पर हुई थी। उस समय मुझे विश्वास था कि श्रीलंका उभरेगा और और अधिक मजबूत होगा। मैं श्रीलंका के लोगों के धैर्य और साहस की सराहना करता हूं और आज मुझे श्रीलंका को फिर से प्रगति के पथ पर देखकर खुशी हो रही है। यह भारत के लिए गर्व की बात है कि हमने एक सच्चे पड़ोसी और मित्र के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है।
भारत ने सबका साथ, सबका विकास का विजन अपनाया है। हम अपने सहयोगी देशों की प्राथमिकताओं को भी महत्व देते हैं। पिछले 6 महीनों में ही हमने 100 मिलियन डॉलर से अधिक के ऋणों को अनुदान में बदला है। हमारा द्विपक्षीय ऋण पुनर्गठन समझौता श्रीलंका के लोगों को तत्काल सहायता और राहत प्रदान करेगा। आज हमने ब्याज दर कम करने का फैसला किया है। यह दर्शाता है कि भारत आज भी श्रीलंका के लोगों के साथ खड़ा है।
हमारा मानना है कि हमारे सुरक्षा हित समान है। दोनों देशों की सुरक्षा एक-दूसरे से जुड़ी है और एक-दूसरे पर निर्भर है। भारत के हितों के प्रति उनकी संवेदनाओं के लिए मैं राष्ट्रपति दिसानायके का आभारी हूं। रक्षा सहयोग में संपन्न किए गए महत्वपूर्ण समझौते का हम स्वागत करते हैं। कोलंबो सिक्योरिटी कॉन्क्लेव और हिंद महासागर में सुरक्षा सहयोग पर भी मिलकर काम करने के लिए हम सहमत हैं।