स्कूलों में लड़कियों और लड़कों के लिए हों अलग-अलग बाथरूम - सुप्रीम कोर्ट

नई दिल्ली, 30 जनवरी - सुप्रीम कोर्ट ने आज देश के सभी प्राइवेट और सरकारी स्कूलों को निर्देश दिया कि वे लड़कियों को मुफ़्त में सैनिटरी पैड बांटना ज़रूरी करें। लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग वॉशरूम बनाए जाने चाहिए। ऐसा न करने वाले स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।

कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को हर स्कूल में दिव्यांगों के लिए टॉयलेट बनाने के भी निर्देश दिए। 

सुप्रीम कोर्ट ने यह फ़ैसला 2024 में जया ठाकुर की दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद दिया, जिसमें केंद्र सरकार की मासिक धर्म स्वच्छता नीति को पूरे देश में लागू करने की मांग की गई थी।

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