इज़राइल ने ईरान के सैन्य ठिकानों, बैलिस्टिक मिसाइल केंद्रों और आईआरजीसी विश्वविद्यालय को बनाया निशाना
तेल अवीव, 07 मार्च (वार्ता) इज़राइल रक्षा बल (आईडीएफ) ने शनिवार को कहा कि उसने ईरान की सैन्य अवसरंचना पर कई हवाई हमले किये हैं, जिसमें एक भूमिगत स्थल भी शामिल है और जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारण के लिए किया जाता है।
आईडीएफ ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा, Þहमले के हिस्से के तौर पर आईडीएफ ने ईरानी सरकार की कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें... बैलिस्टिक मिसाइलों के भंडारन के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक भूमिगत अवसंरचना भी शामिल है, जहाँ सरकार के सैकड़ों कर्मचारी काम कर रहे थे।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (आईआरजीसी) ने अमेरिकी नौसेना को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि वे सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य जलमार्ग से जहाजों को एस्कॉर्ट करने वाले अमेरिकी बलों का'इंतजारÓकर रहे हैं।
आईआरजीसी के प्रवक्ता अली मोहम्मद नैनी ने शनिवार को चेतावनी भरे लहजे में कहा कि उनका बल अमेरिकी नौसेना की किसी भी उपस्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। यह बयान अमेरिकी ऊर्जा सचिव की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें कहा गया था कि अमेरिकी नौसेना जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों को सुरक्षा घेरा प्रदान करने की तैयारी कर रही है।
फॉर्स समाचार एजेंसी के अनुसार, ईरानी प्रवक्ता नैनी ने अमेरिकियों को कोई भी निर्णय लेने से पहले 1987 की उस घटना की याद दिलायी, जब ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की बिछाई गई सुरंगों के कारण अमेरिकी सुपरटैंकर'ब्रिजटनÓमें आग लग गयी थी।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह इस क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं करेगा। प्रवक्ता ने हाल ही में तेल टैंकरों को निशाना बनाये जाने की घटनाओं का हवाला देते हुए अमेरिका को सावधानी बरतने की सलाह दी है। गौरतलब है कि ब्रिजटन टैंकर पर उस समय हमला हुआ था, जब अमेरिकी नौसेना उसे फारस की खाड़ी के माध्यम से सुरक्षा प्रदान कर रही थी।

