लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव गिरा
लोकसभा स्पीकर के खिलाफ लोकसभा में विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वनि मत से खारिज हो गया। यह प्रस्ताव कुछ विपक्षी सांसदों ने लोकसभा की कार्यवाही के संचालन और सदन में विपक्ष को पर्याप्त अवसर न मिलने के मुद्दे को उठाते हुए पेश किया था। प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली। विपक्षी दलों का आरोप था कि सदन की कार्यवाही के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर नहीं दिया गया और कई बार उनके सवालों या स्थगन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया गया। इसी असंतोष के चलते विपक्ष के कुछ सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का फैसला किया। हालांकि जब इस प्रस्ताव को सदन में रखा गया तो इसे ध्वनि मत के जरिए खारिज कर दिया गया, क्योंकि सत्ता पक्ष के सांसदों की संख्या अधिक थी और उन्होंने प्रस्ताव का विरोध किया।
सदन में इस प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान विपक्षी सांसदों ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष का पद निष्पक्षता का प्रतीक होता है और उनसे उम्मीद की जाती है कि वे सभी दलों के सांसदों को समान अवसर दें। विपक्ष का कहना था कि हाल के समय में सदन की कार्यवाही के संचालन को लेकर कई बार सवाल उठे हैं, इसलिए वे इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी दर्ज कराना चाहते थे। दूसरी ओर सत्ता पक्ष के सांसदों ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया और कहा कि लोकसभा अध्यक्ष ने हमेशा नियमों के अनुसार और निष्पक्ष तरीके से सदन की कार्यवाही का संचालन किया है। उनका कहना था कि विपक्ष राजनीतिक कारणों से अनावश्यक विवाद खड़ा कर रहा है।

