बाजार धड़ाम; लगातार बिकवाली से निवेशक चिंता में, जानें सेंसेक्स-निफ्टी का हाल
नई दिल्ली, 13 मार्च - पश्चिमी एशिया में बढ़ते संघर्ष और तेल की बढ़ती कीमतों के कारण शुक्रवार को शेयर बाजार के बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, वैश्विक बाजारों में भारी बिकवाली, विदेशी निधियों की लगातार निकासी और रुपये की कमजोरी ने भी निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया। बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी में करीब दो प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
लगातार तीसरे दिन गिरावट दर्ज करते हुए, 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स इंट्रा-डे ट्रेडिंग के दौरान 1,579.82 अंक या 2 प्रतिशत गिरकर 74,454.60 पर आ गया। अंततः बेंचमार्क 1,470.50 अंक या 1.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,563.92 पर बंद हुआ।
50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 488.05 अंक या 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर बंद हुआ। रुपया 20 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.45 (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ। तेज बिकवाली के चलते बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के कुल बाजार पूंजीकरण से करीब 10 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
सेंसेक्स की कंपनियों का हाल
सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से लार्सन एंड टुब्रो, टाटा स्टील, एसबीआई, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, मारुति और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख रूप से पिछड़ने वाली कंपनियों में से थीं। हिंदुस्तान यूनिलीवर और भारती एयरटेल को लाभ हुआ।
यूरोपीय बाजारों में दिखी गिरावट
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का बेंचमार्क कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कंपोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंग सेंग सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। यूरोप के बाजारों में कीमतें नकारात्मक दायरे में थीं। गुरुवार को अमेरिकी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। नैस्डैक कंपोजिट 1.78 प्रतिशत, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.56 प्रतिशत और एसएंडपी 500 1.52 प्रतिशत गिर गया।

