PM मोदी ने 19,480 करोड़ की कई विकास परियोजनाओं का किया उद्घाटन 

गुवाहाटी (असम), 13 मार्च - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 19,480 करोड़ रुपये की कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मां कामाख्या के आशीर्वाद से थोड़ी देर पहले यहां से 19,500 करोड़ के विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण हुआ है। असम को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने वाली परियोजनाओं से लेकर असम आने वाले लोगों की सुविधा के लिए काम हुए हैं… ढेर सारे प्रोजेक्ट असम को मिले हैं। आज देश के किसानों और असम के टी गार्डन में काम करने वाले साथियों के लिए भी बड़ा दिन है। कुछ क्षण पहले पूरे देश में पीएम किसान सम्मान निधि के तहत 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि हमारे करोड़ों अन्नदाताओं के खातों में भेजी गई है। इसके अलावा असम के चाय बागानों से जुड़े अनेक परिवारों को आज भूमि के पट्टे भी दिए गए हैं। मैं असम के लोगों को, यहां के सभी परिजनों को और देशभर के सभी किसानों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। थोड़ी देर पहले करोड़ों किसानों के खाते में पीएम सम्मान निधि जमा होने का मैसेज पहुंच गया है... ये वही किसान भाई-बहन हैं, जिनमें से अधिकांश के पास 2014 से पहले न मोबाइल फोन था और न ही बैंक में उनका कोई खाता था। आज ऐसे करोड़ों किसानों के खातों में अब तक सवा चार लाख करोड़ रुपये से ज्यादा पैसे जमा हो चुके हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "...मुझे याद है, जब पीएम किसान सम्मान निधि योजना शुरू हुई तो अफवाहें फैलाने में, झूठ बोलने में माहिर कांग्रेस वाले कहते थे कि इस योजना का पैसा आज भले ही मोदी देता है, लेकिन चुनाव के बाद वापस करना पड़ेगा। लेकिन आज सम्मान निधि की यह योजना देश के छोटे किसानों के लिए सामाजिक सुरक्षा का एक मजबूत माध्यम बन चुकी है। भाजपा—एनडीए सरकार के लिए किसान हित से बड़ा कुछ भी नहीं है। जब किसानों को पैसे देने की बात आती थी, तो कांग्रेस वालों की सांस अटक जाती थी। 2014 से पहले केंद्र में 10 साल तक कांग्रेस की सरकार थी। कांग्रेस सरकार के 10 साल में किसानों को एमएसपी के रूप में साढ़े छह लाख करोड़ रुपये मिले थे। जबकि हमारी सरकार के 10 साल में किसानों को MSP के रूप में 20 लाख करोड़ रुपये अधिक मिल चुके हैं... MSP हो, सस्ता ऋण हो, फसल बीमा हो, पीएम किसान सम्मान निधि हो... ये योजनाएं किसानों का बहुत बड़ा संबल बनी हैं। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "हमने यह सुनिश्चित किया कि वैश्विक संकटों का कृषि क्षेत्र पर कोई असर न पड़े। कोविड और उसके बाद हुए युद्धों के चलते, अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में उर्वरकों की कीमतें आसमान छूने लगीं, जिससे इनकी भारी कमी हो गई। इन चुनौतियों के बावजूद, केंद्र सरकार ने भारत में किसी भी संकट को टालने के लिए हर संभव प्रयास किया। जहां अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूरिया की एक बोरी की कीमत 3,000 रुपये थी, वही हमारी सरकार ने किसानों को मात्र 300 रुपये में उपलब्ध कराया। इस पर सरकार ने सब्सिडी के रूप में 12 लाख करोड़ रुपये से भी अधिक खर्च किए। बीते दशक में भाजपा-एनडीए सरकार ने आत्मनिर्भरता को लेकर एक और बड़ा काम किया है। हमने कृषि को बाहरी संकटों से बचाने के लिए आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहन दिया है। हमने आजाद भारत में बार-बार देखा है कि जब दुनिया के दूसरे हिस्सों में लड़ाइयां होती हैं और सप्लाई चेन में दिक्कत आती है, तो परेशानी हमारे किसानों को होती है। कभी खाद महंगी हो जाती थी, कभी डीजल और ऊर्जा की कीमत बढ़ जाती थी, क्योंकि दशकों तक कांग्रेस पार्टी ने देश को दूसरे देशों पर निर्भर रखा। इससे खेती की लागत बढ़ जाती थी...आज सरकार आपके खेतों को सोलर पंप से जोड़ने के लिए काम कर रही है और हमारी कोशिश है कि डीजल पर आपका खर्च कम से कम हो। आज कांग्रेस ने एक बार फिर साबित कर दिया है, किसी भी स्थिति में वे देश के प्रति ईमानदार नहीं हैं। आज युद्ध से बने संकटों के बीच भी कांग्रेस सिर्फ अफवाहें फैलाने और अप्रचार करने में जुटी है। मैं कांग्रेस के साथियों से कहना चाहता हूं कि एक काम करिए लाल किले पर से 15 अगस्त को पंडित नेहरू ने जो भाषण दिए हैं वे भाषण सुनिए। पंडित जी ने लाल किले से एक बार कहा कि उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया में लड़ाई चल रही है इसलिए भारत में महंगाई बढ़ रही है। उत्तर कोरिया और दक्षिण कोरिया कहां है और यहां महंगाई बढ़ने की बात नेहरू जी कह रहे थे। आज कांग्रेस के लोग देश को गुमराह करने में लगे हैं। वैश्विक संकटों का प्रभाव क्या होता है ये दुनिया देख रही है।

भाजपा NDA की सरकार ने हमारी रिफाइनरी के विकास के लिए रिफाइनिंग क्षमता के विकास के लिए काम किया है। आज भारत दुनिया का वो देश है जो अपनी ही नहीं बल्कि विश्व की ऊर्जा जरूरतों का ध्यान रख सकता है। रेलवे की दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने और तेल के आयात को न्यूनतम करने की दिशा में पिछले दशक में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। पिछले 10 वर्षों में, पूरे देश में रेल नेटवर्क का विद्युतीकरण किया गया है। इस विद्युतीकरण के परिणामस्वरूप, प्रति वर्ष लगभग पौने दो सौ लीटर लीटर डीज़ल की बचत हो रही है। 

 

 

 

 

 

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