ईरान के रुख से नाराज ट्रंप बोले- विटकॉफ-कुशनर PAK नहीं जाएंगे; US को किस नुकसान की आशंका

वाशिंगटन, डीसी, 25 अप्रैल - क्या पश्चिम एशिया में छिड़ी जंग अब नहीं थमेगी? यह सवाल अब पूरी दुनिया में गूंज रहा है। शांति की उम्मीदों को उस वक्त बड़ा झटका लगा, जब अमेरिका की तरफ से एक बड़ा कूटनीतिक फैसला लिया गया। ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान जाने वाले अपने खास दूतों का दौरा अचानक रद्द कर दिया है। इस फैसले ने साफ कर दिया है कि ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत का रास्ता फिलहाल बंद हो गया है। अमेरिका के इस सख्त कदम से दोनों देशों के बीच फिर से तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।
उन्होंने आगे बताया है कि उनके प्रतिनिधि जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ शांति वार्ता के लिए पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद नहीं जाएंगे। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में लिखा कि उन्होंने ईरानियों से मिलने के लिए अपने प्रतिनिधियों का दौरा रद्द कर दिया है। उनका मानना है कि इस यात्रा और यात्रा की तैयारियों में बहुत ज्यादा समय बर्बाद हो रहा था। उन्होंने फॉक्स न्यूज को भी इस रद्दीकरण के बारे में बताया है। इस बीच, खबर है कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी पाकिस्तानी अधिकारियों से मुलाकात के बाद शनिवार शाम इस्लामाबाद से वापस लौट गए हैं।
ट्रंप ने क्यों रद्द किया पाकिस्तान का दौरा?
ट्रंप ने इस अहम दौरे को रद्द करने के पीछे ईरान की अंदरूनी राजनीति को सबसे बड़ी वजह बताया है। उनका कहना है कि ईरान के नेतृत्व में बहुत ज्यादा आपसी लड़ाई और भारी भ्रम फैला हुआ है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वहां किसी को नहीं पता कि सत्ता किसके हाथ में है और फैसले कौन ले रहा है, खुद ईरानियों को भी इसकी जानकारी नहीं है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के पास सारे पत्ते (ताकत) हैं और ईरान के पास कुछ नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान बात करना चाहता है, तो उन्हें बस अमेरिका को फोन करना होगा।

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