व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से पास हूँ

आज के शिक्षा-जगत में होड़ लगी हुई है। वह इतनी बेजोड़ है कि उसका कोई तोड़ नहीं है। सब अपने-अपने को अहम बताते हैं, लेकिन सब मात्र वहम और भ्रम है। न मालूम यह सब जानकारी लोग कहां से लाते हैं। एक से बढ़कर एक शिक्षण संस्थान हैं, जो हमारे देश की आन-बान-शान हैं। इनमें बाहर के लोग भी मेहमान बनकर पढ़ने आते हैं और शिक्षा प्राप्त करके जाते हैं। लेकिन इसके बावजूद एक ऐसा संस्थान भी है, जिसका नाम सुनते ही अच्छे-अच्छों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो जाती है। आज के दौर का सबसे पॉपुलर, सुपर से भी ऊपर- वह है फेसबुक और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी।
मैं भी इसी यूनिवर्सिटी का विद्यार्थी हूँ। जब निमंत्रण पर किसी फंक्शन या समारोह में जाता हूँ, तो लोग मुझे आदर-सत्कार से बुलाते हैं और चाव से सुनते हैं। इसी दौरान यदि किसी को मेरा वक्तव्य अच्छा लग जाए तो वह पूछ बैठता है- ‘मान्यवर, आपकी शिक्षा किस संस्थान से हुई है? आप किस यूनिवर्सिटी के प्रोडक्ट हैं? आप इतनी खरा-खरी और सशक्त बातें कैसे करते हैं? हर एंगल से आपकी बात मस्त होती है!’ तब मुझे बताना पड़ता है कि मैं लंबे समय से फेसबुक और व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी का छात्र रहा हूँ। वहां का माहौल मुझे इतना बेहतरीन लगा कि मैं वहीं का स्थायी सदस्य बन गया। मेरा परसेंटेज भी हमेशा हाई रहा है। वहां से निकला विद्यार्थी हर जगह टांग अड़ाने में सक्षम होता है और किसी भी क्षेत्र में तुरंत क्वालीफाई कर जाता है।
इसका कारण है वहां का चमत्कारिक कोर्स। जिस क्षेत्र में आप जीरो हों, उसमें आपको पॉपुलर हीरो बना देता है। पहले मैं न कवि था, न लेखक, न पत्रकार और न ही साहित्यकारय लेकिन यह ऐसा संस्थान है जो हर तरह से सर्वगुण-सम्पन्न बनाकर छोड़ता है।
किसी कवि की कविता उठाकर उसमें अपना रंग-रोगन भरकर, अपने नाम से आगे कैसे बढ़ाया जाए- इस प्रकार का ज्ञान देने में यह यूनिवर्सिटी महान है।
आज इसी संस्थान की बदौलत मैं रचनात्मक कार्यों में अव्वल बन गया हूँ। इधर-उधर से सामग्री उड़ाकर, जोड़-तोड़ करके बेजोड़ रचना कैसे बनाई जाए- इसकी सारी जानकारी यहीं मिलती है। हम जैसे विद्यार्थियों की जान है यह यूनिवर्सिटी। यहां जो ज्ञान मिलता है, वह ऑलराउंडर बनाकर भेजता है। इसमें कुछ एक्स्ट्रा क्लासेस भी जोड़ी गई हैं, जैसे-चूना कैसे लगाया जाए, तीन का तेरह कैसे बनाया जाए, तिल का ताड़ कैसे बनाया जाए।
ग्रुप निर्माण और अफवाह प्रसार में भी यह अहम भूमिका निभाती है। गलत न्यूज़ का उपयोग करके आम जनता को कन्फ्यूज करने की कला भी इसी यूनिवर्सिटी के कोर्स में शामिल है। यह विषय लगभग सभी को पढ़ाया जाता है और अनिवार्य है।
आज इसी यूनिवर्सिटी की देन है कि नकली खबरें प्रसारित हो रही हैं और लोग वास्तविकता से दूर होते जा रहे हैं।
इसी यूनिवर्सिटी की बदौलत आज मैं आम आदमी नहीं, खास बन गया हूँ। गर्व से कहता हूँ- मैं व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी से शिक्षित और पास हूँ। एक बार जब मैंने यह बात बड़े गर्व से कही तो सामने वाले ने मेरी बातों को ध्यान से सुनकर भाव-विभोर होकर साष्टांग दंडवत किया और बोला- ‘मैं शीघ्र ही इस यूनिवर्सिटी में नामांकन कराने वाला हूँ।’

-लिली आर्केड, फ्लैट नं.101
मेट्रो जोन बस स्टैंड, महाजन हास्पिटल समोर 
नाशिक-422009, (महाराष्ट्र)
मो.8329680650

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