पश्चिम एशिया तनाव से एशियाई बाजारों में भारी गिरावट, कच्चा तेल 109 डॉलर के पार

नई दिल्ली, 28 अप्रैल - ईरान युद्ध को समाप्त करने की कूटनीतिक वार्ताओं में आई रुकावट का सीधा असर वैश्विक अर्थव्यवस्था और वित्तीय बाजारों पर दिखने लगा है। होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद रहने से कच्चे तेल की कीमतों में एक बार फिर से तेज उछाल आया है, जिसके कारण मंगलवार को प्रमुख एशियाई शेयर बाजारों में सुस्ती और गिरावट का रुख देखने को मिला। यह स्थिति उन देशों के लिए विशेष चिंता का विषय है जो ऊर्जा के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं।
युद्ध विराम की अस्थिर स्थिति के बावजूद, होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है, जो एशिया (विशेषकर जापान) में तेल आपूर्ति का एक प्रमुख मार्ग है। आपूर्ति बाधित होने की इन चिंताओं ने ऊर्जा बाजार को फिर से गरमा दिया है।
आंकड़ों के अनुसार, जून डिलीवरी वाले ब्रेंट क्रूड का भाव 1.11 डॉलर बढ़कर 109.34 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। इसी तरह जुलाई अनुबंध वाला ब्रेंट क्रूड भी 1.08 डॉलर की बढ़त के साथ 102.77 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। गौर करने वाली बात यह है कि युद्ध शुरू होने से पहले ब्रेंट क्रूड लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जो संघर्ष के दौरान 120 डॉलर तक भी जा चुका है। वहीं, अमेरिकी बेंचमार्क क्रूड 96 सेंट चढ़कर 97.33 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

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