कॅरियर के लिए गेमचेंजर बनती इंटर्नशिप

करियर की दौड़ अब सिर्फ डिग्री और अंकों की नहीं रही बल्कि यह उस अनुभव की भी हो गई है, जो किसी उम्मीदवार को भीड़ से अलग खड़ा करता है। ऐसे में समय में इंटर्नशिप एक साधारण विकल्प नहीं बल्कि गेमचेंजर बनकर उभरी है। इंटर्नशिप कॅरियर के लिहाज से वह मंच है, जहां छात्र किताबों की सीमाओं से निकलकर वास्तविक दुनिया की चुनौतियों से रूबरू होते हैं। इंटर्नशिप न केवल काम सिखाती है बल्कि यह समझदारी भी देती है कि पेशेवर दुनिया में कैसे सोचना है, कैसे खुद निर्णय लेना है और कैसे भीड़ में खुद को सबसे अलग साबित करना है? ध्यान रखिए आज कंपनियां केवल ज्ञान नहीं बल्कि उस ज्ञान के प्रयोग की क्षमता भी तलाशती हैं और यही क्षमता इंटर्नशिप के जरिये हासिल होती है। यही कारण है कि अब ‘फ्रेशर’ की परिभाषा बदल चुकी है। वह छात्र आगे हैं, जिसने पहले ही काम का अनुभव लेकर खुद को तैयार कर लिया है। इस बदलते परिदृश्य में इंटर्नशिप कॅरियर की पहली सीढ़ी नहीं बल्कि वह मजबूत आधार बन गई है, जिस पर आजकल सफलता की समूची इमारत खड़ी होती है।
आज जॉब मार्केट पूरी तरह से स्किल आधारित हो गया है। आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, ऑटोमेशन और डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन ने आज काम के सारे तौर तरीके बदल दिए हैं। अब कंपनियां ऐसे उम्मीदवार चाहती हैं, जो पहले दिन से ही काम संभाल सकें और यह संभव होता है इंटर्नशिप से। वास्तव में इंटर्नशिप थ्योरी और प्रैटिकल के बीच, एक पुल का काम करती है। कॉलेज में सीखी गई बातें जब असली दुनिया में प्रोजेक्ट्स में लागू होती हैं, वास्तव में तभी उनका मूल्य समझ में आता है। इंटर्नशिप आपको यही मूल्य देती है। इसलिए आजकल बिना इंटर्नशिप के फ्रेशर होना ‘अनप्रिपेयर्ड’ होना होता है। इंटर्नशिप हमें विशेष बनाती है। अगर आपने इंटर्नशिप कर रखी है, तो इसका मतलब है कि आपको कार्यस्थल का अनुभव है, आप टीम में काम करना जानते हैं तथा निश्चित समय सीमा के भीतर काम करने का महत्व भी आपको पता है। इसलिए सिर्फ फ्रेशर और इंटर्नशिप किये हुए फ्रेशर में फर्क होता है। 
इंटर्नशिप सिर्फ काम सीखने का माध्यम भी नहीं है बल्कि एक तरह से यह काम की बुनियादी जानकारियां सिखाने के अलावा नेटवर्किग का मजबूत रास्ता भी है। जब आप किसी कंपनी में इंटर्नशिप करते हैं, तो वहां के प्रोफेशनल्स, मैनेजर्स और सहकर्मियों के साथ आपका संपर्क बनता है। वास्तव में यही संपर्क भविष्य में रिफ्रेंस बन सकता है और आपको जॉब दिला सकता है या किसी नये अवसर का दरवाजा खोल सकता है। आज के समय में आपको कौन जानता है, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है, जितना आप क्या जानते हैं। भारत में पिछले कुछ वर्षों में स्टार्टअप कल्चर में इंटर्नशिप की वैल्यू को कई गुना ज्यादा बढ़ा दिया है। चूंकि स्टार्टअप्स में काम का दायरा बड़ा होता है, जिम्मेदारी जल्दी और कई तरह की मिलती है, मतलब यह कि सीखने की गति तेज होती है। किसी स्टार्टअप्स में इंटर्न को केवल एक सहायक के रूप में ही काम नहीं करना होता बल्कि टीम के महत्वपूर्ण सदस्य के रूप में भी उसको जिम्मेदारियां मिलती हैं। यही कारण है कि कई बार इंटर्नशिप से सीधे पुलटाइम जॉब ऑफर भी मिल जाते हैं। 
कोविड के बाद इंटर्नशिप की दुनिया में एक बड़ा बदलाव आया है। यह है रिमोट और ऑनलाइन इंटर्नशिप का। अब छात्रों के लिए ज़रूरी नहीं रह गया कि वह किसी महानगर में जाकर ही इंटर्नशिप करें बल्कि यह अनुभव वह अपने छोटे शहरों, कस्बों यहां तक कि गांवों से भी ले सकते हैं और सिर्फ देसी कंपनियों में ही इंटर्नशिप के अवसर नहीं है बल्कि अंतर्राष्ट्रीय कंपनियों में भी इंटर्नशिप के आज भरपूर अवसर उपलब्ध हैं। आप किसी भी अंतर्राष्ट्रीय कंपनी के साथ इंटर्नशिप की कोशिश कर सकते हैं। उनके साथ फ्रीलांस प्रोजेक्ट कर सकते हैं, इससे आपको दोहरे फायदे हो सकते हैं, काम का अनुभव तो होगा ही, ग्लोबल एक्सपोजर भी हासिल होगा। सबसे बड़ी बात यह है कि आपका रिज्यूमें बिना कहीं पहले जॉब किये भी आम फ्रेशर से ज्यादा मजबूत होगा। क्योंकि आज की तारीख में स्मार्ट रिज्यूमें का मतलब केवल डिग्री स्मार्ट होना नहीं है बल्कि उसमें शामिल प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप भी महत्वपूर्ण बनकर उभरे हैं। अगर आपके पास इंटर्नशिप का अनुभव है, रीयल प्रोजेक्ट्स का पोर्टफोलियो है और प्रॉब्लम सॉल्विंग की क्षमता है, तो आप किसी भी कंपनी के लिए पहले दिन से महत्वपूर्ण इम्प्लॉयी साबित हो सकते हैं यानी आज बेहतर कॅरियर के लिए इंटर्नशिप बहुत ज़रूरी टूल्स बन गई है।
 इंटर्नशिप केवल तकनीकी कौशलभर नहीं सिखाती, यह जीवन के लिए ज़रूरी सॉफ्ट स्किल्स भी विकसित करती है। कम्युनिकेशन, टाइम मैनेजमेंट, टीम वर्क और प्रोफेशनल्स एटीट्यूड, ये वे सारे गुण हैं जो किसी भी नौकरी में लंबे समय तक आपकी सफलता सुनिश्चित करते हैं। इन्हें केवल किताबों से नहीं सीखा जा सकता। इंटर्नशिप इनके सीखने का बड़ा माध्यम साबित होती है। कई बार छात्रों को यह तय कर पाने में मुश्किल होती है कि वह आखिर किस क्षेत्र में कॅरियर बनाएं, इंटर्नशिप उन्हें यह समझने में मदद करती है और इंटर्नशिप केवल छात्रों या फ्रेशर्स के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, यह कंपनियों के लिए भी उतनी ही काम की चीज है। कंपनियां भी इंटर्नशिप के जरिये बहुत मामूली लागत में टैलेंट को परख सकती हैं। भविष्य के कर्मचारियों को ट्रेंड का सकती हैं और उनमें अपनी ज़रूरत के हिसाब से स्किल्स विकसित कर सकती हैं। कुल मिलाकर इंटर्नशिप आज इसलिए बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि-
* इसके जरिये नौकरी के पहले वास्तविक कार्य अनुभव हो जाता है।
*मजबूत रिज्यूमें और बेहतर चयन की संभावना बढ़ जाती है।
* इंटर्नशिप करने से प्रोफेशनल नेटवर्किंग का मौका मिलता है। 
* इंटर्नशिप के जरिये कॅरियर की दिशा तय करने में मदद मिलती है और सॉफ्ट व टेक्नीकल स्किल्स का विकास होता है। 
* अच्छी इंटर्नशिप से प्री-प्लेसमेंट ऑफर का मौका मिलता है।          

  -इमेज रिफ्लेक्शन सेंटर 

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