Shimla Traffic Update: 18.5 लाख वाहनों की रिकॉर्ड आवाजाही, फिर भी नहीं लगा जाम; शिमला पुलिस की स्मार्ट प्लानिंग बनी मिसाल
शिमला, 28 जून (मनीष शारदा): ग्रीष्मकालीन पर्यटन सीजन के दौरान शिमला में पर्यटकों की रिकॉर्ड आमद के बावजूद शहर की यातायात व्यवस्था सुचारु बनी हुई है। सीमित सड़क क्षमता वाले इस पहाड़ी शहर में मई और जून 2026 के दौरान अब तक 18.5 लाख से अधिक वाहनों की आवाजाही दर्ज की गई, लेकिन शिमला पुलिस की प्रभावी रणनीति के चलते बड़े ट्रैफिक जाम की स्थिति नहीं बनने दी गई।
मई माह में करीब 8.5 लाख और जून में अब तक लगभग 10 लाख वाहनों का प्रवेश दर्ज किया गया। बढ़ते दबाव को देखते हुए पुलिस और होमगार्ड जवानों की संख्या 136 से बढ़ाकर 265 कर दी गई। इसके अलावा 50 सिविल वालंटियर्स और 32 ट्रैफिक बाइक राइडर्स को भी तैनात किया गया, जिससे किसी भी ट्रैफिक बाधा पर तुरंत कार्रवाई संभव हो सकी।
इस बार शिमला पुलिस ने पूरे शहर को पांच ट्रैफिक सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी ग्रेड-वन अधिकारियों को सौंपी। वरिष्ठ अधिकारी लगातार फील्ड में मौजूद रहे और मौके पर ही ट्रैफिक संबंधी समस्याओं का समाधान करते रहे। ट्रैफिक बाधित होने की स्थिति में सेक्टर अधिकारियों, बाइक राइडर्स और तीन क्रेनों की मदद से मार्गों को जल्द सामान्य किया गया।
शहर के भीतरी हिस्सों में दबाव कम करने के लिए कुफरी, मशोबरा, नालदेहरा और अपर शिमला की ओर जाने वाले वाहनों को शोगी-मेहली बाईपास का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। इसका सकारात्मक असर देखने को मिला और प्रतिदिन औसतन 600 से 800 वाहन इस वैकल्पिक मार्ग से गुजर रहे हैं।
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पार्किंग प्रबंधन, सोशल मीडिया के जरिए रियल-टाइम ट्रैफिक अपडेट, सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा और इंटरसेप्टर वाहनों के माध्यम से नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया गया। पुलिस, होमगार्ड, ट्रैफिक विंग, सिविल वालंटियर्स और अन्य विभागों के समन्वित प्रयासों से पर्यटन सीजन के व्यस्त दिनों में भी यातायात सुचारु बना रहा।
उत्कृष्ट कार्य करने वालों का सम्मान
यातायात व्यवस्था को सफलतापूर्वक संभालने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के सम्मान में पुलिस अधीक्षक शिमला ने विशेष ब्रीफिंग आयोजित की। उन्होंने सभी पुलिस कर्मियों की कर्तव्यनिष्ठा और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि ट्रैफिक प्रबंधन केवल नियम लागू करना नहीं, बल्कि नागरिकों और पर्यटकों की सुरक्षा व सुविधा सुनिश्चित करना भी है।
इस अवसर पर यातायात व्यवस्था में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 10 सिविल वालंटियर्स को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। पुलिस ने नागरिकों और पर्यटकों के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए सभी से यातायात नियमों का पालन करने और आवश्यकता पड़ने पर वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की।





