एसआईटी ने ट्रस्ट में सीईओ व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की
लखनऊ, 30 जून - राम मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला उजागर होने के बाद एसआईटी ने अन्य मंदिरों की तरह यहां पर भी मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति करने की सिफारिश की है। जब ये व्यवस्था लागू होगी तो किसी सेवारत अधिकारी की नियुक्ति की जा सकती है। इसमें मंडलायुक्त, जिले के डीएम या कोई राजस्व अधिकारी हो सकता है।
दरअसल, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को अब तक मुख्य रूप से चंपत राय, अनिल मिश्रा व गोपाल राव चला रहे थे। अन्य पदाधिकारियों का हस्तक्षेप न के बराबर रहा। ट्रस्ट का गठन फरवरी 2020 में हुआ था। छह साल के भीतर कई विवाद जुड़े। वहीं अब चढ़ावा चोरी जैसा गंभीर मामला उजागर हुआ। इसलिए एसआईटी ने अपनी जांच रिपोर्ट में सीईओ को नियुक्त करने की सिफारिश की है, जिससे व्यवस्था में पारदर्शिता आए और जवाबदेही भी तय की जा सके। घर-परिवार व किसी कंपनी की तरह ट्रस्ट का संचालन न हो।

