नरेगा कर्मचारियों ने अपनी जायज़ मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ़ प्रदर्शन किया

 

जैतो, 30 जून (गुरचरण सिंह गाबड़िया, ) - भारत सरकार ने नरेगा को बंद करके 1 जुलाई से डेवलप्ड भारत जी राम जी स्कीम लागू करने का ऐलान किया है। नरेगा स्कीम में कम पढ़े-लिखे मज़दूरों को उनके घर से 5 km के दायरे में साल में 100 दिन के रोज़गार की गारंटी थी, जिसमें 90 परसेंट केंद्र सरकार और 10 परसेंट राज्य सरकारें शामिल थीं। जिन कामों में मटीरियल इस्तेमाल होता था, उनमें यह रेश्यो 75-25 था। अब राज्य सरकारों को स्कीम के हर पैसे का 40 परसेंट हिस्सा देना ज़रूरी कर दिया गया है। इससे जहाँ पंजाब के 18 लाख मज़दूर परिवारों का रोज़गार जाने का डर है, वहीं 18 साल से कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर काम कर रहे नरेगा कर्मचारियों का रोज़गार खत्म हो गया है। ब्लॉक प्रेसिडेंट हरबंस सिंह, वाइस प्रेसिडेंट जरनैल सिंह, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट जसप्रीत ने कहा कि नरेगा कर्मचारी 18 साल से अपनी नौकरी पक्की करवाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। गौरतलब है कि केंद्रीय योजनाओं के उन कर्मचारियों को राज्य सरकार ने परमानेंट कर दिया है। जिन योजनाओं में राज्य सरकार 60-40 के अनुपात में 40 प्रतिशत योगदान देती थी, लेकिन अब सरकार नरेगा कर्मचारियों को केंद्रीय योजनाओं के कर्मचारी का दर्जा देकर उनका अहित नहीं करने वाली है, क्योंकि अब नरेगा की जगह आने वाली जी राम जी योजना में राज्य सरकार को 40 प्रतिशत योगदान देना अनिवार्य है।

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