दिल्ली हाई कोर्ट ने स्कूल में नाबालिग छात्रा के साथ दुष्कर्म   करने वाले टीचर की सज़ा बरकरार रखी


नई दिल्ली, 13 अगस्त (PTI) दिल्ली हाई कोर्ट ने एक छात्रा के साथ दुष्कर्म के मामले में स्कूल टीचर की पांच साल की सज़ा को बरकरार रखते हुए कहा कि शिक्षण संस्थानों को यह पक्का करना चाहिए कि बच्चे किसी भी ऐसे व्यवहार के बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित हों जिससे उन्हें डर या असुरक्षा महसूस हो।
हाई कोर्ट ने कहा कि बच्चा टीचर पर भरोसा और विश्वास करता है और टीचर-छात्र के रिश्ते में यह भरोसा बहुत पवित्र होता है। इसके साथ ही नाबालिग की सुरक्षा करने की ज़िम्मेदारी भी आती है, न कि उसका शोषण करने या भरोसे को तोड़ने की।
बुधवार को दिए गए फ़ैसले में जस्टिस मधु जैन ने कहा, "इस तरह के पद का दुरुपयोग, खासकर टीचर की अपनी बेटी की उम्र की लड़की के साथ, गंभीर चिंता का विषय है और इसे सिर्फ़ अनुशासन या मर्यादा का उल्लंघन नहीं माना जा सकता।"
हाई कोर्ट का यह फ़ैसला एक ड्राइंग टीचर की अपील को खारिज करते हुए आया। इस टीचर को ट्रायल कोर्ट ने स्कूल परिसर में कई बार 12 साल की छात्रा के साथ गलत व्यवहार करने का दोषी ठहराया था। टीचर के खिलाफ़ अगस्त 2016 में FIR दर्ज की गई थी।

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