Air India AI 171 हादसे की जांच पर उठे सवाल: बोइंग व्हिसलब्लोअर का दावा- जांच एजेंसी छिपा रही है डेटा
नई दिल्ली, 17 सितंबर - एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 हादसे की जांच को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। बोइंग के पूर्व सीनियर मैनेजर और एविएशन सेफ्टी फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एड पियर्सन ने भारत की विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि जांच एजेंसी हादसे से जुड़े बेहद संवेदनशील और तकनीकी डेटा को सार्वजनिक करने से बच रही है।
ACARS और AHM डेटा तुरंत सार्वजनिक करने की मांग
एड पियर्सन ने मांग की है कि AAIB विमान के ACARS (एयरक्राफ्ट कम्युनिकेशंस एड्रेसिंग एंड रिपोर्टिंग सिस्टम) और AHM (एयरप्लेन हेल्थ मैनेजमेंट) डेटा को तुरंत सार्वजनिक करे। पियर्सन के मुताबिक इन डेटा स्ट्रीम्स में दुर्घटना से ठीक पहले विमान के इंजन, सेंसर्स और ऑन-बोर्ड सिस्टम में हुई गड़बड़ियों के साथ-साथ हर घटना का सटीक समय दर्ज होता है। यह डेटा दुर्घटना के वास्तविक कारणों को समझने में बेहद मददगार साबित हो सकता है।
पायलट पर दोष मढ़ने और पारदर्शिता पर उठाए सवाल
पियर्सन ने AAIB की नीयत पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जांच एजेंसी सारा ध्यान पायलट की संभावित गलती या जिम्मेदारी की तरफ मोड़ने की कोशिश कर रही है जबकि उपलब्ध तकनीकी तथ्यों और सुरक्षा खतरों को दुनिया के सामने लाने से कतरा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने ब्रिटेन की जांच एजेंसी (UK-AAIB) के जरिए भारतीय जांच एजेंसी को अहम दस्तावेज और सबूत सौंपे थे लेकिन AAIB ने उन सबूतों को अपनी जांच में शामिल ही नहीं किया।
वैश्विक एविएशन कम्युनिटी के लिए चेतावनी जारी करने में देरी
बोइंग व्हिसलब्लोअर ने चिंता व्यक्त की है कि इस हादसे के आधार पर अभी तक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कोई अंतरिम सुरक्षा सिफारिश या चेतावनी जारी नहीं की गई है। उनका कहना है कि यदि विमान या उसके सिस्टम में कोई मैन्युफैक्चरिंग/तकनीकी खामी पाई गई है तो समय रहते पूरी दुनिया की एविएशन इंडस्ट्री को अलर्ट किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

