भारत आसियान के रक्षा मंत्रियों के साथ आतंकवाद विरोधी अनुभव साझा करने को तैयार - राजनाथ सिंह
मनीला (फिलीपींस), 29 अक्टूबर- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आसियान के रक्षा मंत्रियों के साथ आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में अपने व्यावहारिक और युद्ध में परखे गए अनुभवों को साझा करने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह बात 13वीं आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक-प्लस (ADMM-Plus) को संबोधित करते हुए कही।
राजनाथ सिंह ने बैठक के सफल आयोजन और गर्मजोशी से किए गए स्वागत के लिए फिलीपींस का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस बैठक में साझा सुरक्षा चिंताओं पर चर्चा की जा रही है। भारत आसियान की केंद्रीय भूमिका के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता है, जो भारत की एक्ट ईस्ट नीति और हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दृष्टिकोण का आधार है।
रक्षा मंत्री ने कहा कि यह मंच एक मजबूत, सुरक्षित और समृद्ध क्षेत्र बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्हें उम्मीद है कि बैठक आपसी विश्वास को मजबूत करने, उभरती चुनौतियों से निपटने और रक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने में मदद करेगी। उन्होंने बैठक से रचनात्मक विचार-विमर्श और ठोस परिणाम मिलने की उम्मीद भी जताई।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ऐसी अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था में विश्वास करता है, जो आपसी विश्वास, सहयोग और सामूहिक जिम्मेदारी पर आधारित हो। सहयोग की यही भावना शांति और व्यवस्था के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगी। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा आसियान की केंद्रीय भूमिका को महत्व देता रहा है।
उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र की कल्पना करता है, जो खुला, समावेशी और नियमों पर आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के अनुरूप हो। आसियान के साथ भारत का दीर्घकालिक रणनीतिक जुड़ाव साझा हितों, आपसी सम्मान और व्यावहारिक सहयोग पर आधारित है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत के अनुभव को बताया अहम
रक्षा मंत्री ने कहा कि आतंकवाद विरोधी क्षेत्र में भारत का अनुभव केवल सैद्धांतिक जानकारी तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दशकों तक सीमा पार से आने वाली सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने से हासिल हुआ है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ भारत की रणनीतियों को वास्तविक परिस्थितियों में परखा गया है और उन्होंने अपनी प्रभावशीलता साबित की है।
राजनाथ सिंह ने पिछले साल चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत ने इस अभियान के दौरान आतंकवादियों के कई ठिकानों को नष्ट किया था। उन्होंने इसे राज्य प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ भारत की स्पष्ट नीति का भी संदेश बताया।
संयुक्त सैन्य अभ्यास और खुफिया जानकारी साझा करने पर जोर
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत आसियान के रक्षा साझेदारों के साथ आतंकवाद विरोधी अपने व्यावहारिक अनुभव साझा करने के लिए तैयार है। संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षमता निर्माण कार्यक्रम और मजबूत खुफिया जानकारी साझा करने के माध्यम से सामूहिक सुरक्षा क्षमताओं को और मजबूत किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि भारत ऐसे हिंद-प्रशांत क्षेत्र का समर्थन करता है, जो सुरक्षित और मजबूत हो तथा जहां शांति और स्थिरता केवल लक्ष्य न रहें, बल्कि सामूहिक प्रयासों का परिणाम बनें।
रक्षा मंत्री ने समुद्री सुरक्षा पर भारत की प्रतिबद्धता को भी दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत न केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानूनों की वकालत करता है, बल्कि समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में उनका दृढ़ता से पालन भी करता है। नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने और वैश्विक समुद्री संचार मार्गों को सुरक्षित रखने के लिए भारत की प्रतिबद्धता दशकों के अनुभव पर आधारित है।

