ई.डी.आई. सिस्टम ने धीमी की आयात-निर्यात की गति


अमृतसर, 17 जुलाई : भारत व पाकिस्तान के बीच चल रहे व्यापार पर जी.एस.टी. व आयात-निर्यात के लिए लागू किए रिमोट ई.डी.आई. सिस्टम में आई नैटवर्क की समस्या का सीधा प्रभाव व्यापार की गति में बनी बाधा के रूप में देखने को मिल रहा है।  हालांकि रेल कार्गो स्थित लैंड कस्टम स्टेशन के अधिकारियों का दावा है कि ई.डी.आई. के नैटवर्क सिस्टम में सुधार होने के साथ-साथ जी.एस.टी. के प्रति व्यापारियों में जागरूकता आने पर अब व्यापार पुन: पटरी पर लौटना शुरू हो गया है, परंतु विभाग के ही कुछ अधिकारियों द्वारा नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर दबी आवाज़ में यह भी बताया जा रहा है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण भारत-पाक में चल रहा व्यापार लगभग खत्म होने की कगार पर है और पाकिस्तान भेजी जाने वाली मालगाड़ियों की बुकिंग में आई कमी के कारण माल ढोने वाले कुलियों में भी बेचैनी का माहौल बना हुआ है। उल्लेखनीय है कि दोनों देशों के बीच कारोबार को लेकर आयात-निर्यात संबंधी हुए समझौते के कारण 124 वस्तुओं का कारोबार करने की स्वीकृति दोनों ओर के व्यापारियों को मिली हुई है, जबकि जी.एस.टी. व रिमोट ई.डी.आई. के लागू होने के बाद भारत-पाक के बीच केवल 5-7 वस्तुओं का ही आयात-निर्यात हो सका है और अब भारत द्वारा यह व्यापार केवल सब्ज़ियों के बीज़ों के निर्यात तक ही सीमित होकर रह गया है। भारत द्वारा रेलवे कार्गो की मार्फत जी.एस.टी. लागू होने से पूर्व पाकिस्तान की ओर सूत धागा, पैराफिन, सब्ज़ियों के बीज, प्लास्टिक दाना, टायर व भैंस का मीट भेजा जा रहा था। इसी प्रकार पाकिस्तान द्वारा रेल व सड़क रास्ते जिप्सम, सीमैंट, ड्राई फ्रूट, ग्लास, सोडा, कच्चा एल्यूमीनियम, चूना व मूंग की दाल आदि के ट्रक भारी संख्या में भारत भेजे जा रहे थे, जबकि अब रेलवे कार्गो की मार्फत बहुत कम मात्रा में केवल सर्जीकल औज़ार, स्पोर्ट्स गुड्स, कपड़ा ही भारत भेजा जा रहा है। उधर फिरोज़पुर रेलवे डिवीज़न का कहना है कि पाकिस्तान के साथ व्यापार के लिए भारतीय व्यापारियों को लगातार आ रही परेशानियों के कारण दोनों देशों में व्यापार प्रत्यक्ष रूप से अटारी रेलवे स्टेशन पर शिफ्ट करने का प्रस्ताव रेलवे हैड ऑफिस को भेजा गया है, जिस कारण विश्वास किया जा रहा है कि वर्ष 2018 के अंत तक भारत-पाक में होने वाला सारा व्यापार अटारी स्थानांतरित हो जाएगा।