यूरोपियन और लातीनी अमरीकी देशों का ही रहा है दबदबा


फीफा विश्व के इतिहास पर नज़र दोहराएं तो फुटबॉल विश्व कप सिर्फ दो महाद्वीपों के देशों के हिस्से आया है। यूरोप और दक्षिण अमरीका (लातीनी अमरीका) के देशों ने ही हर बार ट्राफी जीती है। शेष अन्य किसी भी महाद्वीप को विश्व कप की ट्राफी नसीब नहीं हुई। अब तक हुए 20 मुकाबलों में यूरोप के हिस्से 11 और लातीनी अमरीका के हिस्से 9 बार विश्व कप आया है। ब्राज़ील ने सबसे अधिक बार (5) विश्व कप जीते। अब तक के सभी विश्व कप खेलने वाले ब्राज़ील को 1958, 1962, 1979, 1994 और 2002 में चैम्पियन बनने का सम्मान प्राप्त हुआ है। इटली और जर्मनी को 4-4 बार विश्व चैम्पियन बनने का सम्मान प्राप्त हुआ है। इटली ने 1934, 1938, 1982, और 2006 और जर्मनी ने 1954, 1974 और 1990, 2014 में विश्व कप जीता है। जर्मनी मौजूदा चैम्पियन है। अर्जेन्टीना ने 1978 से 1986 और उरुगुए ने 1930 और 1950 में 2-2- बार विश्व कप जीता। इस के अलावा इंग्लैंड (1966), फ्रांस (1998) और स्पेन (2010) ने 1-1 बार विश्व कप जीतने में सफलता प्राप्त की है। फाइनल मैच में पहुंच कर भी विश्व कप से वंचित रहने वाले देशों में हालैंड, चैकोस्लाविया, हंगरी और स्विडन का नाम आता है। हालैंड 3 बार (1974, 1978, 2010) फाइनल में हार का सामना कर चुका है। चैकोस्वालिया (1934 और 1962) और हंगरी (1938 और 1954) को 2-2 बार फाइनल मैच में मात मिली है, जबकि स्विडन 1958 में अपने इकलौते फाइनल में हार का सामना कर चुका है। जर्मनी सबसे अधिक 8 बार और ब्राज़ील 7 बार फाइनल में दाखिला ले चुके हैं। अगर सैमीफाइनल मुकाबलों की बात करें तो जर्मनी ने सबसे अधिक 13 बार सैमीफाइनल खेले हैं। इसके बाद ब्राज़ील ने 11 और इटली ने 8 बार सैमीफाइनल खेलने का सम्मान प्राप्त किया है। ब्राज़ील और जर्मनी ने अब तक 17 बार कम से कम क्वार्टर फाइनल तक सफर तय किया। इस तरह दोनों देश केवल तीन मौकों को छोड़ कर पहले आठ देशों में हर बार शुमार हुए हैं।

-नवदीप सिंह गिल
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