" पराली को पशु चारे के तौर पर प्रयोग कर बनने वाली" खाद से बचाए जा सकते हैं अरबों रुपए


संगरूर, 2 दिसम्बर (सत्यम्) : अगर पंजाब गेहूं तथा धान के नाड़ को सही तरीके से संभाल कर इसको पशु चारे के तौर पर प्रयोग किया जाए तो प्राप्त होने वाले गोबर से बनने वाली खाद से पंजाब के किसानों का रसायनिक खादों पर खर्च होने वाला अरबों रुपए बच सकता है, जिससे पंजाब की आर्थिकता तो मजबूत होगी ही बल्कि किसानों को आत्महत्याओं से भी बचाया जा सकेगा। यह कहना है कि ज़िला संगरूर के मस्तुआणा साहिब में पंजाब का पहला पराली बैंक खोल चुके सांईटेफिक अवेयरनैस फोर्म के अध्यक्ष डा. ए.एस. मान, स्वामी अमृता अनंद, अकाल कौंसिल मस्तुआणा साहिब के सचिव जसवंत सिंह खहरा तथा समाज सेवी इंजी. बलदेव सिंह गोसल का। इन समाज सेवियों का कहना कि इस बार का सीजन करीब खत्म हो चुका है आगे से सरकार 2500 रुपए प्रति एकड़ खर्च करे। इस राशि से सारे नाड़ की गांठें बनाई जा सकती है बशर्ते सरकार जरूरत अनुसार मशीनरी उपलब्ध करवाए। नाड़ की गांठों को पंजाब की तथा साथ लगते राज्यों की गौशालाओं में भेजा जा सकता है जहां इस पराली को सारा वर्ष पशु चारे के तौर पर प्रयोग किया जा सकता है। जो पराली पहुंचाने तथा ट्रांसपोर्ट खर्च आएगा वह आसानी से गौशालाएं दे सकती हैं। प्राप्त होने वाले गोबर से बनने वाली कुदरती खाद को खेतों में प्रयोग कर रसासनिक खादों पर खर्च होने वाला अरबों रूपए बचाया जा सकता है। दो माह पहले पराली बैंक की स्थापना करने वाले इन समाज सेवियों ने अपना अनुभव ‘अजीत समाचार’ से सांझा करते बताया कि उन्होंने इस बार ज़िला संगरूर के काफी रकबे में पराली की गांठे बनाई हैं। छोटी मशीन से प्रति एकड़ 2000 रूपए तथा बड़ी मशीन से गांठे बनाने पर 2500 रूपए प्रति एकड़ खर्च आया है। नजदीक की गौशालाओं में पराली की गांठे भेजने पर खर्च 50 रूपए प्रति क्ंिवटल आया है जबकि दिल्ली की गौशालाओं में भेजने का खर्च 170 रूपए प्रति क्ंिवटल आ रहा है। एक एकड़ में 30 क्ंिवटल पराली पैदा होती है। 100 रूपए क्ंिवटल कर गौशाला देने को तैयार है। अगर पंजाब का किसान 2500 रूपए प्रति एकड़ सरकार से लेकर पराली की गांठे बनाकर नजदीक की गौशालाओं में पहुंचा दे तो प्राप्त होने वाली राशि करीब 3000 रुपए में से 1500 रुपए ट्रांसपोर्ट का काट कर 1500 रुपए का 30 क्ंिवटल गोबर गौशालाओं से लेकर बनने वाली कुदरती खाद से जहां पंजाब के खेतों की उपजाऊ शक्ति बढ़ेगी, किसानों का अरबों रूपए बचेगा वहीं पंजाब स्वास्थय भी होगा।