डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति कैट द्वारा रद्द


चंडीगढ़, 17 जनवरी (सुरजीत सिंह सत्ती) : कैट ने पंजाब सरकार को झटका देते हुए पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता की नियुक्ति सैंट्रल एडमनिस्ट्रेटिव ट्रिब्यूनल (कैट) ने रद्द कर दी है। उनकी नियुक्ति को डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा और एस. चटोपाध्याय ने चुनौती दी थी और इसका फैसला कैट की विशेष बैंच के चेयरमैन जस्टिस एल, नरसिम्हा रेडी व सदस्य मोहम्मद जमशेद द्वारा शुक्रवार को सुनाया गया। कैट द्वारा नियुक्ति रद्द किए जाने के बावजूद मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेन्द्र सिंह ने एक ट्वीट करके कैट के फैसले, यूपीएससी और अधिकारियों के मध्य मामला निपटाया जाना चाहिए है और गुप्ता को इस पद पर बनाए रखने की बात कही है। दूसरी ओर सरकार ने कैट के फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है और चटोपाध्याय व मुस्तफा द्वारा भी हाईकोर्ट  में कैवीएट दाखिल करने की चर्चा है दिनकर गुप्ता की नियुक्ति का आदेश रद्द करते हुए कैट की बैंच ने यूपीएससी  और इम्पैनलमैंट कमेटी को निर्देश दिए हैं कि वह तीन सीनियर अधिकारियों का पैनल तैयार कर चार सप्ताह में इस प्रक्रिया को अंजाम दे। मुस्तफा द्वारा व चटोपाध्याय द्वारा पेश हुए सीनियर वकीलों ने दलीलें पेश की थी कि आईएएस प्रकाश सिंह के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया था कि कोई भी राज्य डीजीपी की नियुक्ति के लिए लैजिस्लेशन बनाने तक पैनल बनाने के लिए अधिकारियों का अधिक सेवाकाल, बहुत अच्छा रिकार्ड व पुलिस फोर्स के नेतृत्व करने का तजुर्बे  को ध्यान में रखा जाए और बाद में एक संशोधन कर यह भी तजवीज़ दी थी कि पैनल में डालने वाले नामों के बारे इसके अतिरिक्त मैरिट व वरिष्ठता भी देखी जाए। कैट का ध्यान दिलाया गया था कि डीजीपी की नियुक्ति के लिए 30 वर्ष की सेवा वाले 12 अधिकारियों के नामों पर विचार किया गया और अंत में तीन नामों दिनकर गुप्ता, एम.के. तिवारी और वी.के. भावरा के पैनल की सिफारिश कर दी गई और सरकार ने दिनकर गुप्ता को नियुक्त कर लिया, जबकि गुप्ता 1987 बैच के हैं और मुस्तफा 1985 व  चटोपाध्याय 1986 बैच के हैं और मुस्तफा व चटोपाध्याय के नाम क्रमवार लड़ी नंबर दो व पांच पर था जबकि गुप्ता का नाम छठे स्थान पर था। दलील दी थी कि गुप्ता की नियुक्ति के समय सुप्रीम कोर्ट के फैसले को अनदेखा किया गया।