डेरा के मुख्य सेवादार को रेप केस में 10 साल की सज़ा
मोगा, 6 जनवरी (हरपाल सिंह) - मोगा के एडिशनल सेशन जज की कोर्ट ने एक धार्मिक जगह से जुड़े मुख्य सेवादार को एक युवती से रेप के मामले में दोषी ठहराया है। कोर्ट ने आरोपी बलजिंदर सिंह को 10 साल की सज़ा और 55 हज़ार रुपये जुर्माने की सज़ा सुनाई है।
मिली जानकारी के मुताबिक, लुधियाना ज़िले के जगराओं के पास एक गांव की रहने वाली 25 साल की युवती ने पुलिस में शिकायत दी थी कि जगराओं में डेरा चरण घाट के मुख्य सेवादार बलजिंदर सिंह ने उसके साथ रेप किया। पीड़ित लड़की के परिवार वाले डेरे में आते-जाते रहते थे और वह अपने नशेड़ी भाई को सुधारने की दुआ मांगने डेरे गई थी। आरोप है कि 6 मई को मुख्य सेवादार लड़की को खास दुआ के बहाने मोगा के एक प्राइवेट होटल में ले गया, जहां उसके साथ रेप करने के बाद मारपीट की गई। यहीं नहीं, आरोपी ने पीड़िता का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया और उसे कैंप में बुलाकर हफ्ते में दो बार जबरदस्ती उसके साथ गलत काम करने लगा। 2 सितंबर 2024 को एक दूसरी लड़की ने भी लुधियाना में पुलिस में उसी आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बाद में मोगा मेहना पुलिस ने 18 सितंबर 2024 को बलजिंदर सिंह के खिलाफ रेप और धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार 5 जनवरी 2026 को मोगा कोर्ट में केस की सुनवाई के दौरान सभी सबूतों और गवाही के आधार पर कोर्ट ने मुख्य सेवक बलजिंदर सिंह को दोषी पाया और उसे 10 साल की कैद और 55,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

