अमरीका का वेनेजुएला के राष्ट्रपति का अपहरण ग्लोबल साऊथ के लिए खतरा

वेनेजुएला पर अमरीका की आक्रामकता, उसके चुने हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सीलियाफ्लोरेस का नार्कोटेररिज्म के मनगढ़ंत आरोपों में अपहरण, शेर और मेमने की जानी-पहचानी कहानी की याद दिलाता है। 2003 में जब अमरीका ने इराक पर हमला किया था, तब भी ऐसा ही बहाना दिया गया था कि उसके पास बड़े पैमाने पर विनाश के हथियार हैं। यह सब संयुक्त राष्ट्र निरीक्षण आयोग (यूएनमोविक) के अध्यक्ष हैं सब्लिक्स की इसके विपरीत रिपोर्ट के बावजूद किया गया था, जिसे इराक के कथित तौर पर बड़े पैमाने पर विनाश के हथियारों के कब्जे की जांच का काम सौंपा गया था। इसी तरह की कार्रवाई अमरीकी प्रशासन ने लीबिया व अफगानिस्तान पर भी की थी। यह सब इन देशों के संसाधनों को लूटने और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय भू-राजनीति में अमरीकी वर्चस्व को साबित करने के लिए किया गया था।
इसमें कोई हैरानी की बात नहीं है कि वेनेजुएला के पास दुनिया के कुल तेल भंडार का 18 प्रतिशत हिस्सा है और अमरीका उन पर पूरा नियंत्रण चाहता है। 1974 में हेनरी किसिंजर और सऊदी अरब के बीच एक समझौता हुआ था जिसके अनुसार सारा तेल अमरीकी डॉलर में बेचा जाएगा और बदले में अमरीका सऊदी अरब को सुरक्षा देगा। तब से डॉलर सर्वोच्च बन गया। अमरीका कितने भी डॉलर छाप सकता है जबकि दूसरे देशों को इसके लिए काम करना पड़ता है। इसलिए कोई भी देश जो डॉलर के बाहर व्यापार करने की कोशिश करता है, उसे अमरीका की दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। सद्दाम हुसैन और गद्दाफी को भी इसी तरह हटाया गया था और अब मादुरो के साथ भी ऐसा ही हुआ है। वेनेजुएला चीन के साथ युआन में तेल व्यापार कर रहा था, जिससे अमरीकी सरकार नाराज थी। जब ब्रिक्स ने एक नई मुद्रा के बारे में बात की, तो ट्रम्प प्रशासन इस संभावना से परेशान था कि अमरीकी डॉलर की जगह ब्रिक्स मुद्रा ले लेगी। हालांकि, काराकास में जो हुआ है, वह दुनिया को खतरनाक संकेत देता है कि अमरीका दुनिया के किसी भी देश में किसी भी तरह की दादागिरी कर सकता है। रूस, चीन, ईरान, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका व क्यूबा सहित कई देशों ने अमरीकी सैन्य कार्रवाई की निंदा की है, इसे वेनेजुएला की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया है।
चीनी राष्ट्रपति शीजिनपिंग ने अमरीका से मादुरो को तुरंत रिहा करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज दुनिया ऐसे बदलावों और उथल-पुथल से गुजर रही है जो एक सदी में नहीं देखे गए, जिसमें एकतरफा वर्चस्ववादी कार्य अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को गंभीर रूप से कमजोर कर रहे हैं। सरकारी मीडिया के अनुसार उत्तर कोरिया के नेता किमजोंग उन ने हाइपरसोनिक मिसाइलों के टेस्ट फ्लाइट्स की देखरेख की और ‘हालिया भू-राजनीतिक संकट’ और ‘जटिल अंतर्राष्ट्रीय घटनाओं’ के बीच देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। स्पेन, ब्राजील, चिली, कोलंबिया, मैक्सिको और उरुग्वे ने एक संयुक्त बयान जारी कर ‘वेनेजुएला में एकतरफा सैन्य अभियानों’ को गलता बताया और उसके प्राकृतिक संसाधनों का फायदा उठाने के खिलाफ चेतावनी दी। हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि मादुरो को हटाने का ऑपरेशन अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए किया गया था।
यूरोपीय नेताओं ने संयम बरतने का आग्रह किया। यूरोपीय यूनियन की विदेश नीति प्रमुख काजाकल्लास ने कहा कि यह गुट स्थिति पर बारीकी से नज़र रख रहा है और अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सम्मान पर ज़ोर दिया। हालांकि, यूरोपीय यूनियन आयोग की अध्यक्ष उर्सुलावॉनडेरलेयेन ने कहा कि किसी भी समाधान में अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सम्मान होना चाहिए।
अब वेनेजुएला की राष्ट्रपति डेल्सीरोड्रिग्ज ने ट्रम्प के नेतृत्व वाले अमरीकी प्रशासन की कड़ी आलोचना की है, और इस ऑपरेशन को सैन्य आक्रामकता का एक गंभीर कृत्य बताया है। देश ने राष्ट्रीय आपातकाल घोषित कर दिया है और राष्ट्रपति मादुरो की तत्काल रिहाई की मांग की है। रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनोलोपेज ने देश भर में सैन्य बलों की तैनाती की घोषणा की है, और वेनेजुएला ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक का अनुरोध किया है।ट्रम्प ने बिना किसी लाग-लपेट के कहा है कि अब अमरीका वेनेजुएला को नियंत्रित करेगा। इसका मतलब है कि एक शक्तिशाली देश दूसरे देशों के साथ बिना किसी रोक-टोक के कुछ भी कर सकता है। यूक्रेन और मध्य पूर्व में युद्ध के कारण पहले से ही अस्थिर हालात में दुनिया भर में स्थिति बहुत तनावपूर्ण हो गई है। अमरीकी कार्रवाई ने दुनिया को गंभीर अनिश्चितता में धकेल दिया है और दुनिया के छोटे देशों के लिए सुरक्षा जोखिम बढ़ा दिया है। ट्रम्प ने पहले ही ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के बारे में आक्रामक तरीके से बात करना शुरू कर दिया है। (संवाद)

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