इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं - प्रधानमंत्री मोदी

देहरादून (उत्तराखंड), 14 अप्रैल - प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर प्रगति के नए द्वार हैं, गेटवे हैं, डोर हैं। इनसे उम्मीदों की डोर भी जुड़ी हुई है। यह इकोनॉमिक कॉरिडोर सड़क के अलावा नए-नए व्यापार और कारोबार का मार्ग बनाते हैं, गोदामों और फैक्ट्रियों के लिए आधार तैयार करते हैं। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से भी इस पूरे क्षेत्र का कायाकल्प होने जा रहा है। 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं आज देश भर के सभी पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से आग्रह करना चाहता हूं। हमारे पहाड़, वन क्षेत्र देवभूमि की धरोहर बहुत पवित्र स्थान है। ऐसे स्थानों को साफ-सुथरा रखना हम सभी का कर्तव्य है। यहां रहने वालों का भी और यहां यात्री के रूप में आने वालों का भी। इन इलाकों में प्लास्टिक की बोतलें, कूड़े कचरे का ढेर, ये देव भूमि की पवित्रता को ठेस पहुंचाता है। ये आवश्यक है हम हमारे तीर्थ स्थलों को स्वच्छ और सुंदर रखें।
 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि चार दशकों के इंतजार के बाद संसद ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित किया था। इससे लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 % आरक्षण तय हो गया है। सभी दलों ने आगे आकर इस महत्वपूर्ण कानून को समर्थन दिया। महिलाओं को जो यह हक मिला है, इस हक को लागू होने में देरी नहीं होनी चाहिए। अब यह लागू होना चाहिए। 2029 में लोकसभा के चुनाव होंगे और उसके बाद विधानसभा के भी चुनाव आते रहेंगे। 2029 से पहले यह लागू हो जाना चाहिए। यह देश की भावना है। यह नारी शक्ति की इच्छा है। मातृशक्ति की इसी इच्छा को नमन करते हुए 16 अप्रैल से संसद में विशेष चर्चा तय की गई है। देश की बहनों-बेटियों के हक से जुड़े इस काम को सभी राजनीतिक दल मिलकर सर्वसम्मति से आगे बढ़ाएं। मैंने आज देश की सभी बहनों के नाम एक पत्र लिखा है। मैंने बड़े आग्रह के साथ देश की माताओं-बहनों को इस कार्य में भागीदार बनने के लिए निमंत्रित किया है। मुझे पक्का विश्वास है कि यह पत्र मेरे देश की माताएं-बहनें जरूर पढ़ेंगी... मैं आज देवभूमि से देश के सभी दलों से फिर अपील करूंगा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन का जरूर समर्थन करें। 2029 में हमारे देश की 50 प्रतिशत जनसंख्या को उनका हक देकर रहेंगे।

 
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