दिल्ली हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अभिनेत्री लीना मारिया पॉल को दी ज़मानत
नई दिल्ली, 5 मई: दिल्ली हाई कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में एक्ट्रेस लीना मारिया पॉल को ज़मानत दे दी है। हालांकि, MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) मामले में उनकी ज़मानत याचिका खारिज कर दी गई। लीना मारिया पॉल, अपने पति सुकेश चंद्रशेखर के साथ इन दोनों मामलों में आरोपी हैं।
जस्टिस प्रतीक जालान ने लीना मारिया और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उन्हें ज़मानत दे दी। हाई कोर्ट ने 8 अप्रैल को MCOCA के तहत 200 करोड़ रुपये के रंगदारी मामले और प्रिवेंशन ऑफ़ मनी-लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में एक्ट्रेस लीना मारिया पॉलोज की ज़मानत याचिकाओं पर अपना फ़ैसला सुरक्षित रख लिया था। लीना मारिया पॉल ने ट्रायल में देरी, हिरासत में बिताई गई अवधि और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अन्य आरोपियों के साथ समानता के आधार पर ज़मानत मांगी थी।
बहस के दौरान, आरोपी लीना मारिया पॉल के वकील ने दलील दी कि वह PMLA के तहत 3 साल की न्यूनतम सज़ा पहले ही काट चुकी हैं, क्योंकि वह सितंबर 2021 से हिरासत में हैं। यह भी दलील दी गई कि जांच एजेंसी ED की तरफ से देरी हुई है, क्योंकि उनकी गिरफ्तारी के दो साल बाद पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई थी, और गिरफ्तारी के तीन साल बाद चार्ज पर बहस शुरू हुई।
यह भी दलील दी गई कि PMLA की धारा 45 की सख्ती लीना मारिया पॉल पर लागू नहीं होती, क्योंकि वह एक महिला है। यह भी दलील दी गई कि कई सह-आरोपियों को ट्रायल कोर्ट ने ज़मानत दे दी है। हालांकि दिल्ली पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक्ट्रेस लीना मारिया की ज़मानत याचिका का विरोध किया और उन्हें एक क्राइम सिंडिकेट का सह-प्रमुख बताया। वह अपने पति के साथ रंगदारी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी हैं।

