रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साइलेंस ज़ोन या रिहायशी इलाकों में हॉर्न बजाने पर बैन

जालंधर, 13 मई (जालंधर) – इंडियन सिविल डिफेंस कोड, 2023 के सेक्शन 163 के तहत जालंधर पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर ने शोर प्रदूषण को रोकने के लिए पब्लिक इमरजेंसी के मामलों को छोड़कर, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक साइलेंस ज़ोन या रिहायशी इलाकों में हॉर्न के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है। माननीय सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के संदर्भ में जारी इन आदेशों में कहा गया है कि सार्वजनिक जगहों पर लाउडस्पीकर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम या किसी अन्य आवाज़ पैदा करने वाले सोर्स का इस्तेमाल तय लिमिट के अंदर ही रखा जाए।

आदेशों के अनुसार, कोई भी व्यक्ति मैरिज पैलेस और होटलों में रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक (पब्लिक इमरजेंसी के मामलों को छोड़कर) ढोल, शहनाई, कोई अन्य आवाज़ पैदा करने वाला इंस्ट्रूमेंट, साउंड एम्पलीफायर या DJ नहीं बजाएगा। इसी तरह, प्राइवेट साउंड सिस्टम या आवाज़ पैदा करने वाले डिवाइस का शोर लेवल प्राइवेट जगहों की लिमिट के लिए तय 5 dB(A) के शोर स्टैंडर्ड से ज़्यादा नहीं होगा। ऑर्डर में कहा गया है कि जिन गाड़ियों में म्यूज़िक सिस्टम लगे हैं, उन्हें यह पक्का करना होगा कि म्यूज़िक सिस्टम से निकलने वाली आवाज़ किसी भी समय गाड़ी के बाहर न सुनाई दे। अगर इन ऑर्डर का उल्लंघन पाया जाता है, तो ऐसे आवाज़ पैदा करने वाले डिवाइस ज़ब्त कर लिए जाएँगे। यह ऑर्डर 8 जुलाई, 2026 तक लागू रहेगा।

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