CBT लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत
नई दिल्ली 1 जून नीट-यूजी परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें नीट-यूजी परीक्षा को तत्काल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में आयोजित करने की मांग की गई थी। इसके साथ ही साफ हो गया है कि इस साल होने वाली नीट-यूजी री-टेस्ट परीक्षा पुराने पेन-पेपर मोड यानी ओएमआर शीट के माध्यम से ही आयोजित की जाएगी।
CBT लागू करने की मांग पर सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी राहत
नीट परीक्षा को पूरी तरह सुरक्षित और पेपर लीक से मुक्त बनाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। यह याचिका आरजेडी सांसद सुधाकर सिंह, सामाजिक कार्यकर्ता अनुभव गर्ग, आईएमए के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. ध्रुव चौहान और राजनीतिक नेता हरिशरण देवगन की ओर से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए तत्काल कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट फ्रेमवर्क लागू किया जाना चाहिए। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया और मौजूदा व्यवस्था को बरकरार रखा।

