चिदंबरम का बड़ा दावा- डीएमके को जानकारी देने के बाद ही कांग्रेस ने TVK को दिया था समर्थन

चेन्नई, 7 जून - कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा है कि उनकी पार्टी ने टीवीके (TVK) को समर्थन देने का फैसला डीएमके नेतृत्व को जानकारी देने के बाद ही लिया। तमिलनाडु में 23 अप्रैल को हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और डीएमके ने मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव के बाद टीवीके को सरकार बनाने में मदद करने के लिए कांग्रेस ने सबसे पहले अपने पांच विधायकों का समर्थन देने की पेशकश की थी।
चिदंबरम ने शनिवार को एक निजी समाचार चैनल को बताया कि अगर टीवीके सदन में बहुमत हासिल नहीं कर पाती, तो राज्य में दोबारा चुनाव कराने की नौबत आ जाती। वे और उनके गठबंधन के साथी इस स्थिति से बचना चाहते थे। उन्होंने कहा कि आम जनता भी दोबारा चुनाव नहीं चाहती थी। चिदंबरम ने दावा किया कि कांग्रेस ने इस फैसले के बारे में सीपीआई, वीसीके और आईयूएमएल जैसे सहयोगियों को भी पहले ही बता दिया था। उन्होंने कहा कि बस फर्क इतना था कि कांग्रेस ने सहयोगियों से एक दिन पहले ही टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
इस फैसले के तुरंत बाद गठबंधन में दरार दिखने लगी। उदयनिधि स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके की युवा इकाई ने एक बैठक की और एक प्रस्ताव पारित किया। इसमें कांग्रेस पर डीएमके के साथ "विश्वासघात" करने का आरोप लगाया गया। डीएमके के वरिष्ठ नेता टीआर बालू ने भी आरोप लगाया कि कांग्रेस ने उन लोगों को धोखा दिया है जिन्होंने इस गठबंधन को वोट दिया था।

 
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