बहलोलपुर की शामलात ज़मीन पर करोड़ों के कर्ज का मामला: पीएनबी मैनेजर आज रिकॉर्ड समेत अदालत में होंगे पेश
एस. ए. एस. नगर, 30 जून, (कपिल वाधवा)- गांव बहलोलपुर की शामलात जमीन पर करोड़ों रुपये का कर्ज लेने के मामले में मोहाली अदालत ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया है। अदालत ने बैंक की सैंक्शनिंग अथॉरिटी या संबंधित मैनेजर को 30 जून को मॉर्गेज से जुड़े सभी आधिकारिक रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं। यह आदेश यूनिवर्सल एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह की जमानत याचिका पर 22, 24 और 25 जून को हुई सुनवाई के दौरान जारी किए गए।
सुनवाई के दौरान डीडीपीओ परमवीर कौर के बयान भी दर्ज किए गए, ताकि शामलात जमीन की लीज प्रक्रिया और उससे जुड़े दस्तावेजों की स्थिति स्पष्ट हो सके। सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि फाइनेंशियल कमिश्नर की मंजूरी और बाद में तैयार की गई लीज डीड में बड़ा अंतर पाया गया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, मंजूरी आदेश में ऐसी कोई शर्त नहीं थी, लेकिन 5 फरवरी 2009 को डेराबस्सी सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में पंजीकृत लीज डीड में तत्कालीन सरपंच छोटी देवी और फेज-9 स्थित यूनिवर्सल एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह ने कथित मिलीभगत से यह शर्त जोड़ दी कि सोसायटी भवन निर्माण के लिए जमीन के आधार पर बैंक से कर्ज ले सकती है।
इसी आधार पर बैंक से करोड़ों रुपये का ऋण लिया गया। जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि इस पूरे मामले में केवल आरोपी ही नहीं, बल्कि उस समय के संबंधित सरकारी अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बैंक का पूरा रिकॉर्ड तलब किया है।
अदालत को यह भी बताया गया कि बाद में बैंक ने एक पत्र जारी कर कहा था कि मॉर्गेज शामलात जमीन का नहीं, बल्कि केवल लीजहोल्ड अधिकारों का किया गया था। अदालत ने इस बदलाव के आधार और उससे संबंधित रिकॉर्ड की जांच को आवश्यक मानते हुए संबंधित बैंक अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
इस बीच, यूनिवर्सल एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह की जमानत याचिका पर मंगलवार को बैंक अधिकारियों के रिकॉर्ड और गवाही के बाद फैसला आने की संभावना है। पुलिस के अनुसार, गुरप्रीत सिंह अब तक जांच में शामिल नहीं हुए हैं और फिलहाल फरार हैं।

